कैंसर के एक लाख रुपये वाले इंजेक्शन में निकला सिर्फ पानी, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने खोला नकली दवाओं के खौफनाक नेटवर्क का राज
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कैंसर की महंगी दवाओं की कथित कालाबाजारी और नकली दवा सप्लाई करने वाले 7 राज्यों में फैले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में आरोप है कि करीब एक लाख रुपये में बिकने वाले एवालुमैब इंजेक्शन में दवा की जगह सिर्फ पानी भरा गया था। मामले में 17 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर नकली और मिलावटी दवाओं का कथित कारोबार करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को की गई कार्रवाई में करीब 9 करोड़ रुपये के इस कथित रैकेट का खुलासा हुआ और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई कि मरीजों को करीब एक लाख रुपये में बेचे जाने वाले एवालुमैब इंजेक्शन में कथित तौर पर असली दवा की जगह सिर्फ पानी भरा गया था। यानी जिस इंजेक्शन से कैंसर मरीजों को इलाज की उम्मीद थी, उसमें जीवनरक्षक दवा के बजाय नकली सामग्री होने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट का नेटवर्क दिल्ली-NCR के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, झज्जर, फरीदाबाद, मुंबई, हैदराबाद और अन्य इलाकों तक फैला हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह तक दवाएं अलग-अलग स्रोतों से पहुंचती थीं, जिनमें कथित तौर पर नकली दवाओं की खरीद और अन्य गैरकानूनी माध्यम शामिल थे।
क्राइम ब्रांच को 22 जून को मिली गुप्त सूचना के बाद जांच शुरू हुई थी। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने कथित नेटवर्क से जुड़े कई लोगों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी अभिषेक वैश्य, शुभम कुमार चौधरी और सूरज चौधरी समेत अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि नकली कैंसर दवाओं का इस्तेमाल मरीजों की सेहत और जान दोनों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, दवाओं के स्रोत और सप्लाई चैन की जांच कर रही है।
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