S-400 से पाकिस्तान की हवा रोकी, अब राम मंदिर की कमान: कौन हैं जितेंद्र मिश्र?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान की कमान संभालने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए हैं। करीब चार दशक के सैन्य करियर और ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका ने इस नियुक्ति को खास बना दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र अब अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
जितेंद्र मिश्र ने 1 जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु कमान (Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला था और 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके नेतृत्व वाली कमान के पास थी।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हाल में दिए गए उनके बयानों में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका भी सामने आई। उनके मुताबिक, S-400 ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भारतीय सीमा के करीब आने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने S-400 की लोकेशन पता करने के लिए स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने की कोशिश की थी।
मिश्रा के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक AEW&C विमान को मार गिराने सहित कई नुकसान का दावा किया है। हालांकि, पाकिस्तान इन दावों से इनकार करता रहा है और दोनों देशों के नुकसान के आंकड़ों पर मतभेद हैं।
उनका सैन्य करियर भी बेहद लंबा रहा है। 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन हुए जितेंद्र मिश्र ने करीब 38–40 साल सेवा की और 3,000 से अधिक घंटे उड़ान का अनुभव हासिल किया। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी रहे हैं। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।
अब उनकी नई जिम्मेदारी पूरी तरह अलग क्षेत्र में है। राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO का पद बनाया है, जिसका उद्देश्य मंदिर और उससे जुड़े बढ़ते प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं और बड़े प्रोजेक्ट्स को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब ट्रस्ट हालिया चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी विवाद के बाद प्रशासनिक बदलावों से गुजर रहा है। ऐसे में करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति को ट्रस्ट में अनुशासन और पेशेवर प्रबंधन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर अब राम मंदिर तक—जितेंद्र मिश्र के सामने अब एक बिल्कुल नई चुनौती है: युद्धभूमि में रणनीति बनाने के बाद देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक का प्रशासन संभालना।
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