ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमलों का नहीं पड़ा असर, भारत संचालित टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित: विदेश मंत्रालय

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान के चाबहार पोर्ट पर भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल अमेरिकी हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारतीय संचालन, कर्मचारी और बुनियादी ढांचे को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है और बंदरगाह पर कामकाज सामान्य रूप से जारी है।

Jul 18, 2026 - 11:42
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ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमलों का नहीं पड़ा असर, भारत संचालित टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित: विदेश मंत्रालय

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि ईरान के रणनीतिक चाबहार पोर्ट पर भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल अमेरिकी हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने कहा कि हाल के सैन्य अभियानों के दौरान भारतीय टर्मिनल या उससे जुड़े किसी भी बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। साथ ही, वहां तैनात भारतीय कर्मचारियों और संचालन पर भी किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।

पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर थीं कि कहीं चाबहार पोर्ट भी इसकी चपेट में तो नहीं आ गया। चूंकि यह बंदरगाह भारत के लिए व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसको लेकर स्वाभाविक रूप से चिंताएं बढ़ गई थीं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईरानी अधिकारियों के साथ संपर्क में है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और वहां सामान्य रूप से कार्गो संचालन जारी है। किसी भारतीय नागरिक के घायल होने या किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली है।

चाबहार पोर्ट भारत की विदेश नीति और कनेक्टिविटी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर हुए बिना अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है। इसके जरिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) को भी मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। यही कारण है कि इस बंदरगाह की सुरक्षा भारत के रणनीतिक हितों से सीधे जुड़ी हुई है।

भारत और ईरान के बीच वर्षों से चाबहार पोर्ट को विकसित करने को लेकर सहयोग जारी है। भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) इस टर्मिनल का संचालन कर रही है। हाल के वर्षों में भारत ने यहां कंटेनर हैंडलिंग, आधुनिक उपकरण और लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निवेश भी किया है। इससे भारत, ईरान और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार को नई गति मिली है।

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष ने वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और अरब सागर से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर पूरी दुनिया की नजर है। ऐसे माहौल में चाबहार पोर्ट के सुरक्षित रहने की पुष्टि भारत के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस बंदरगाह को नुकसान पहुंचता, तो भारत के क्षेत्रीय व्यापार और रणनीतिक परियोजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता था।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थन करता है। मंत्रालय के अनुसार, सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और विवादों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। भारत ने दोहराया कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चाबहार पोर्ट केवल एक बंदरगाह नहीं, बल्कि भारत की "कनेक्ट वेस्ट" नीति का महत्वपूर्ण आधार है। यह परियोजना भारत को अफगानिस्तान, ईरान, मध्य एशिया और रूस तक तेज और वैकल्पिक व्यापार मार्ग उपलब्ध कराती है। इसके अलावा यह चीन समर्थित ग्वादर पोर्ट के मुकाबले भारत की रणनीतिक उपस्थिति को भी मजबूत करती है।

हाल के वर्षों में भारत ने चाबहार के माध्यम से अफगानिस्तान को गेहूं, दवाइयां और अन्य मानवीय सहायता भी भेजी है। इस बंदरगाह ने क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय सहायता अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई है। इसलिए इसकी सुरक्षा केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के व्यापारिक नेटवर्क के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

हालांकि चाबहार पोर्ट सुरक्षित है, लेकिन मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यक होने पर अपने नागरिकों तथा व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की बात कह रही है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों और कारोबारियों से आधिकारिक यात्रा और सुरक्षा सलाह का पालन करने की अपील भी की है।

फिलहाल विदेश मंत्रालय की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया है कि अमेरिकी हमलों का असर भारत संचालित चाबहार टर्मिनल पर नहीं पड़ा है। इससे भारत की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजना फिलहाल सुरक्षित बनी हुई है। आने वाले दिनों में यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो चाबहार पोर्ट की भूमिका और उसकी सुरक्षा दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी रह सकती हैं।

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