चर्चा में IPS तनुश्री: जिनसे पीएम मोदी ने कहा था, 'टेक्सटाइल में धागे और टेरर में धागे खोलने होते हैं'

IPS अधिकारी तनुश्री एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में उनके दिल्ली ट्रांसफर के बाद उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बातचीत के दौरान कहते हैं कि "टेक्सटाइल में धागे खोलने होते हैं और टेरर में भी धागे खोलने होते हैं।" यह टिप्पणी उनके टेक्सटाइल इंजीनियर से IPS अधिकारी बनने के सफर के संदर्भ में की गई थी।

Jul 14, 2026 - 15:59
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चर्चा में IPS तनुश्री: जिनसे पीएम मोदी ने कहा था, 'टेक्सटाइल में धागे और टेरर में धागे खोलने होते हैं'

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अधिकारी तनुश्री इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनके दिल्ली तबादले की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ बातचीत करते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी करते नजर आते हैं। प्रधानमंत्री कहते हैं, "टेक्सटाइल में भी धागे खोलने होते हैं और टेरर में भी धागे खोलने होते हैं।" यही बयान अब एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

दरअसल, तनुश्री का करियर काफी प्रेरणादायक माना जाता है। उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुईं। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग से पुलिस सेवा तक का उनका सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान तनुश्री से बातचीत करते हुए उनके शैक्षणिक और पेशेवर सफर का जिक्र किया था। उसी दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि टेक्सटाइल क्षेत्र में धागों की उलझन सुलझानी पड़ती है और आतंकवाद की जांच में भी घटनाओं के "धागे" जोड़कर सच्चाई तक पहुंचना पड़ता है। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी प्रतीकात्मक थी और जांच प्रक्रिया की जटिलता को सरल भाषा में समझाने के लिए कही गई थी।

अब, उनके दिल्ली ट्रांसफर के बाद यह वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग इसे साझा करते हुए तनुश्री की कार्यशैली और उनके पेशेवर सफर की चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें एक मेहनती और सक्षम अधिकारी के रूप में पेश कर रहे हैं।

तनुश्री ने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। विभिन्न जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी तैनाती के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक सुधारों में उनकी भूमिका की चर्चा होती रही है। उनकी पहचान एक अनुशासित और प्रोफेशनल अधिकारी के रूप में बनाई जाती है।

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक सेवा में आने का उनका फैसला यह दिखाता है कि सिविल सेवा में विविध पृष्ठभूमि के लोग अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकते हैं। भारत की सिविल सेवाओं में हर वर्ष इंजीनियरिंग, मेडिकल, विज्ञान, कानून, प्रबंधन और मानविकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से उम्मीदवार चयनित होते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गई यह बात भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने यह बताने की कोशिश की थी कि किसी भी क्षेत्र में समस्या को समझने, तथ्यों को जोड़ने और समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया समान होती है। चाहे वह टेक्सटाइल उद्योग हो या फिर अपराध और आतंकवाद की जांच, हर जगह बारीकी से तथ्यों का विश्लेषण करना पड़ता है।

दिल्ली में तबादले के बाद तनुश्री की नई जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। राजधानी देश का सबसे संवेदनशील प्रशासनिक और सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, साइबर अपराध, संगठित अपराध और आतंकवाद से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि, उनके तबादले को लेकर आधिकारिक तौर पर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय पुलिस सेवा में समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार किए जाते हैं। इसे सामान्य प्रक्रिया माना जाता है।

तनुश्री की सफलता की कहानी युवाओं के लिए भी प्रेरणा का विषय है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। यह सफर यह दर्शाता है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत के दम पर कोई भी व्यक्ति अपने करियर की दिशा बदल सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी की भी सराहना की है, जिसमें उन्होंने टेक्सटाइल और टेरर इन्वेस्टिगेशन के बीच एक रोचक तुलना प्रस्तुत की थी। लोगों का कहना है कि यह उदाहरण जटिल जांच प्रक्रिया को आम भाषा में समझाने का प्रभावी तरीका था।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रह गई है। आज जांच एजेंसियों को तकनीक, डेटा विश्लेषण, साइबर फॉरेंसिक, वित्तीय लेन-देन और खुफिया सूचनाओं को जोड़कर मामलों की तह तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल, तनुश्री का दिल्ली ट्रांसफर और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका पुराना संवाद दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनका करियर यह संदेश देता है कि शिक्षा, समर्पण और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

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