'14 नींद की गोलियां खाओ, वरना गर्दन काट देंगे'... फिल्म प्रोड्यूसर बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे कारोबारी की दर्दनाक हत्या, एक्ट्रेस ने बुना मौत का जाल

दिल्ली के युवा कारोबारी करण कक्कड़ बॉलीवुड में फिल्म प्रोड्यूसर बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे। लेकिन उनकी यह महत्वाकांक्षा उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। पुलिस जांच के मुताबिक, एक उभरती अभिनेत्री ने पहले दोस्ती की, फिर अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। करण को कथित तौर पर 14 नींद की गोलियां खाने के लिए मजबूर किया गया और बाद में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह मामला बॉलीवुड से जुड़े सबसे सनसनीखेज मर्डर केसों में गिना जाता है।

Jul 20, 2026 - 17:20
 0  9
'14 नींद की गोलियां खाओ, वरना गर्दन काट देंगे'... फिल्म प्रोड्यूसर बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे कारोबारी की दर्दनाक हत्या, एक्ट्रेस ने बुना मौत का जाल

फिल्म प्रोड्यूसर बनने का सपना... लेकिन मिली दर्दनाक मौत, 14 नींद की गोलियां खिलाकर रची गई खौफनाक साजिश

बॉलीवुड की चमक-दमक हर साल हजारों युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। कोई अभिनेता बनने का सपना लेकर आता है तो कोई निर्देशक या निर्माता बनने का। लेकिन दिल्ली के कारोबारी करण कक्कड़ के लिए यही सपना उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। फिल्म प्रोड्यूसर बनने की चाह में मुंबई पहुंचे करण को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस फिल्मी दुनिया में वह अपना भविष्य तलाश रहे हैं, वहीं उनके लिए मौत का जाल बिछाया जा चुका है।

करण कक्कड़ एक सफल कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे। पुलिस के अनुसार, वह फिल्मों में निवेश कर बतौर प्रोड्यूसर अपनी पहचान बनाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने मुंबई में आलीशान फ्लैट लिया, लग्जरी BMW कार खरीदी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से संपर्क बढ़ाना शुरू किया। लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति और आलीशान जीवनशैली कुछ लोगों की नजरों में लालच का कारण बन गई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी दौरान करण की मुलाकात एक उभरती अभिनेत्री सिमरन सूद से हुई। पुलिस का आरोप है कि सिमरन ने पहले दोस्ती का रिश्ता बनाया और फिर करण का भरोसा जीत लिया। बाद में उसने कथित तौर पर करण की मुलाकात विजय पालांडे से कराई, जिसे पुलिस एक शातिर अपराधी मानती है। यहीं से करण के खिलाफ एक खतरनाक साजिश की शुरुआत हुई।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों का मकसद करण की संपत्ति और पैसे पर कब्जा करना था। जब उन्हें लगा कि करण उनके लिए अब ज्यादा उपयोगी नहीं रहा, तब कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।

जांच में सामने आए सबसे चौंकाने वाले आरोपों के अनुसार, हत्या से पहले करण को एक ऐसा विकल्प दिया गया जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने उससे कहा कि या तो वह जागते हुए अपनी गर्दन कटवाए या फिर पहले नींद की गोलियां खा ले। बताया जाता है कि दर्द से बचने की उम्मीद में करण ने गोलियां खाने का फैसला किया।

पहले उसे कॉफी में चार नींद की गोलियां मिलाकर दी गईं। लेकिन जब उनका असर पर्याप्त नहीं हुआ तो कथित तौर पर उसे 10 और गोलियां जबरन खिलाई गईं। इस तरह कुल 14 नींद की गोलियां उसके शरीर में पहुंच गईं। पुलिस का दावा है कि बेहोशी की हालत में पहुंचने के बाद उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई।

लेकिन आरोप है कि हत्या के बाद भी दरिंदगी खत्म नहीं हुई।

जांच के मुताबिक, आरोपियों ने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें करण की ही BMW कार में भरकर मुंबई से दूर महाराष्ट्र के कुंभरली घाट इलाके में ले जाकर फेंक दिया, ताकि पहचान मिटाई जा सके और पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।

उधर, करण के अचानक लापता होने के बाद उनके परिवार ने उन्हें तलाशना शुरू किया। उनके भाई हनीश कक्कड़ लगातार पुलिस के संपर्क में रहे। रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने खुद भी कई सुराग जुटाए। कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज और एटीएम से जुड़े कुछ सुरागों ने जांच को नई दिशा दी।

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब विजय पालांडे को एक अन्य हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को करण कक्कड़ केस से जुड़े अहम सुराग मिले। बाद में कुंभरली घाट से बरामद मानव अवशेषों की डीएनए जांच में उनकी पहचान करण कक्कड़ के रूप में हुई। पुलिस ने जांच के दौरान कुछ निजी सामान और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए।

यह मामला केवल एक हत्या की कहानी नहीं था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कैसे सपनों और भरोसे का फायदा उठाकर किसी व्यक्ति को अपराध का शिकार बनाया जा सकता है। शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठे और परिवार ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने शुरुआत में तेजी दिखाई होती तो शायद मामले की गुत्थी पहले सुलझ सकती थी।

करण कक्कड़ हत्याकांड आज भी बॉलीवुड से जुड़े सबसे चर्चित अपराध मामलों में गिना जाता है। पुलिस के आरोपों के मुताबिक, एक अभिनेत्री की दोस्ती, करोड़ों की लालच और सुनियोजित साजिश ने एक युवा कारोबारी की जिंदगी छीन ली। इस मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले नए लोगों के लिए भी एक बड़ा सबक छोड़ा कि चमक-दमक के पीछे छिपे हर चेहरे पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।

हालांकि, इस मामले में लगे आरोप अदालत की प्रक्रिया के अधीन रहे हैं और अंतिम कानूनी निष्कर्ष न्यायालय के फैसलों पर निर्भर करते हैं। फिर भी करण कक्कड़ की कहानी आज भी उन दर्दनाक घटनाओं में शामिल है, जहां सपनों का शहर किसी के लिए हमेशा के लिए मौत का शहर बन गया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0