सलीम डोला के इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क पर ED का बड़ा एक्शन, दो आरोपी गिरफ्तार; करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सलीम इस्माइल डोला के कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स के अवैध निर्माण, हवाला के जरिए पैसों की आवाजाही और भारत से दुबई तक करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का पता चला है।
मुंबई: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के कथित नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सलीम इस्माइल डोला से जुड़े मामले में दो आरोपियों, प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित ड्रग्स के निर्माण और तस्करी से होने वाली कमाई को अलग-अलग खातों में घुमाकर संपत्तियां खरीदी गईं।
यह जांच केवल ड्रग्स की सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रसायनों की खरीद, अवैध कमाई के लेन-देन, हवाला नेटवर्क और कथित बेनामी संपत्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
MD ड्रग्स के अवैध निर्माण का आरोप
ED की जांच के मुताबिक, प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे की कथित भूमिका मेफेड्रोन (MD) नामक सिंथेटिक ड्रग के अवैध निर्माण और उसकी बिक्री से प्राप्त रकम के प्रबंधन से जुड़ी है। एजेंसी का आरोप है कि ड्रग्स की बिक्री से हासिल पैसों का इस्तेमाल संपत्तियां और अन्य परिसंपत्तियां खरीदने में किया गया। इनमें कुछ संपत्तियां कथित तौर पर आरोपी के करीबी लोगों के नाम पर रखी गईं।
दूसरे आरोपी बृजेश कांजीभाई मोराडिया पर MD ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी रसायनों की खरीद और आपूर्ति की व्यवस्था करने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, इन रसायनों की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम की आवाजाही कई बैंक खातों और व्यावसायिक इकाइयों के जरिए हुई।
हवाला और कई बैंक खातों के जरिए पैसों की आवाजाही
ED के मुताबिक, कथित नेटवर्क में हवाला के माध्यम से नकदी पहुंचाने और फिर उसे अलग-अलग बैंक खातों में जमा करने का तरीका अपनाया गया। जांच में तीसरे पक्षों, परिवार के सदस्यों और आरोपियों से जुड़ी संस्थाओं के खातों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
एजेंसी का कहना है कि रसायनों की खरीद से जुड़े लेन-देन को बैंकिंग चैनलों के जरिए आगे बढ़ाया गया। कुछ रकम कथित तौर पर केमिकल की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन के रूप में दिखाई गई और बाद में उसे कई लेन-देन के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया।
जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लेन-देन में कितनी रकम ड्रग्स की कथित अवैध बिक्री से आई और उसका इस्तेमाल किन लोगों या कंपनियों के जरिए किया गया।
21 ठिकानों पर छापेमारी, ₹1.33 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज
इस मामले में ED ने 2 और 3 जून 2026 को मुंबई और गुजरात के सूरत, अंकलेश्वर तथा राजकोट में कुल 21 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। कार्रवाई के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़े केमिकल सप्लायरों, कारोबारियों, MD ड्रग्स के निर्माताओं और वितरकों, हवाला ऑपरेटरों तथा संपत्तियों से जुड़े लोगों की जांच की गई।
तलाशी के दौरान करीब 1.33 करोड़ रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, सोने की छड़ें और बैंक बैलेंस जब्त या फ्रीज किए गए। इसके अतिरिक्त 2,200 अमेरिकी डॉलर भी जब्त या फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई।
एजेंसी को भारत और दुबई में स्थित करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले। ED को संदेह है कि इन संपत्तियों में कथित ड्रग्स कारोबार से हासिल रकम निवेश की गई हो सकती है। हालांकि, संपत्तियों के स्वामित्व और उनमें इस्तेमाल हुए धन के स्रोत की जांच जारी है।
सलीम डोला के नेटवर्क की जांच जारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सलीम इस्माइल डोला से जुड़ा कथित नेटवर्क रसायनों की खरीद से लेकर MD ड्रग्स के अवैध निर्माण, विभिन्न राज्यों में सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय तस्करी तक फैला हो सकता है। इसके साथ ही, अवैध कमाई को हवाला और दूसरे वित्तीय माध्यमों से घुमाकर संपत्तियों में निवेश किए जाने की आशंका है।
सलीम डोला को अप्रैल 2026 में तुर्किये से भारत लाया गया था। उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मामलों के आधार पर वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
फिलहाल ED गिरफ्तार आरोपियों की कथित भूमिका, पैसों के स्रोत, रसायनों की सप्लाई और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
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