देशभर में मानसून का कहर: ओडिशा में बाढ़ से 1 लाख लोगों को हटाने की तैयारी, असम-हिमाचल-उत्तराखंड में भी भारी तबाही

देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप ले लिया है। असम और गुजरात के बाद अब ओडिशा में भी बाढ़ का संकट गहरा गया है, जहां करीब 1 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

Jul 29, 2026 - 10:52
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देशभर में मानसून का कहर: ओडिशा में बाढ़ से 1 लाख लोगों को हटाने की तैयारी, असम-हिमाचल-उत्तराखंड में भी भारी तबाही

देशभर में मानसून अब तबाही का रूप लेता नजर आ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और हिमालयी राज्यों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। असम और गुजरात में बाढ़ से भारी नुकसान के बाद अब ओडिशा भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं और निचले इलाकों में तेजी से पानी भरने के कारण प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा में करीब 1 लाख लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना बनाई गई है।

इस बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहाड़ी इलाकों में नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

ओडिशा में बाढ़ का बढ़ता संकट

ओडिशा के उत्तरी और तटीय जिलों में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। कई जगह सड़कें जलमग्न हो गई हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी यातायात बाधित हुआ है।

राज्य सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), अग्निशमन दल और अन्य एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए।

असम में अब भी गंभीर हालात

पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ का असर अभी भी कम नहीं हुआ है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान के कारण लाखों लोग प्रभावित हैं। कई गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं और राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। प्रधानमंत्री स्तर पर भी स्थिति की समीक्षा की गई है और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायता भेजी जा रही है।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से बढ़ी मुश्किल

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं। चंबा, मंडी और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मलबा आने से सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही और राहत कार्य प्रभावित हुए हैं।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत दलों को तैनात किया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

उत्तराखंड में भी लैंडस्लाइड का खतरा

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई प्रमुख मार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है और लोगों को नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

IMD की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे बाढ़, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

राहत और बचाव अभियान जारी

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), ODRAF और स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अफवाहों से बचें। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

आगे क्या?

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। ऐसे में ओडिशा, असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हालात चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं। प्रशासन ने राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात करने की तैयारी की है।

फिलहाल देश के कई हिस्सों में लोगों की निगाहें मौसम के अगले अपडेट और राहत कार्यों पर टिकी हुई हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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