चंदौली में 16 राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहे दो साइबर फ्रॉड गिरफ्तार, फर्जी आधार से खुलवाते थे सैकड़ों म्यूल खाते
उत्तर प्रदेश के चंदौली में पुलिस और साइबर सेल ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी तलाश 16 राज्यों की पुलिस कर रही थी। आरोपी फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे।
उत्तर प्रदेश के चंदौली में पुलिस ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अलीनगर थाना पुलिस और जिला साइबर थाना की संयुक्त टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे और उनकी तलाश 16 राज्यों की पुलिस कर रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए स्थानीय पते के कूटरचित आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में बैंक खाते खुलवाए जाते थे। ऐसे खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। साइबर अपराध की भाषा में ऐसे बैंक खातों को अक्सर ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।
जांच के अनुसार, नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं थीं। पुलिस का आरोप है कि अमन शर्मा फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग सामग्री की व्यवस्था करता था, जबकि दूसरा गिरफ्तार आरोपी नीतीश कुमार इन खातों और बैंकिंग सामग्रियों को प्राप्त कर आगे नेटवर्क में इस्तेमाल करवाता था।
पुलिस के मुताबिक, यह साइबर ठगी नेटवर्क बिहार से संचालित किया जा रहा था और इसके जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाया जाता था। आरोपियों पर लोन दिलाने, डिलीवरी पार्सल के भुगतान, सोशल मीडिया विज्ञापनों और पार्ट-टाइम जॉब जैसे बहानों से लोगों को ठगने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
साइबर ठग लोगों को आकर्षक ऑफर या आसान कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। कहीं लोन दिलाने के नाम पर रकम मांगी जाती थी, तो कहीं निवेश या पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं और इन फर्जी बैंक खातों के जरिए कुल कितनी रकम का लेन-देन किया गया।
चंदौली पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल करना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।
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