आरजी कर केस: पूर्व TMC विधायक नर्मल घोष समेत 3 पर FIR, जल्दबाजी में अंतिम संस्कार और सबूत मिटाने के आरोप

आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर के रेप-मर्डर केस में नया मोड़ आया है। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पूर्व TMC विधायक नर्मल घोष समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया, जिससे दोबारा पोस्टमार्टम और संभावित सबूतों की जांच प्रभावित हो सकती थी।

Aug 12, 2026 - 13:08
 0  1
आरजी कर केस: पूर्व TMC विधायक नर्मल घोष समेत 3 पर FIR, जल्दबाजी में अंतिम संस्कार और सबूत मिटाने के आरोप

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेप-मर्डर केस में करीब दो साल बाद एक नया मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

FIR में पूर्व TMC विधायक नर्मल घोष, पानिहाटी नगरपालिका के पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजिब मुखर्जी के नाम शामिल हैं। यह मामला पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर खड़दह थाने में दर्ज किया गया है।

जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 9 अगस्त 2024 को डॉक्टर का शव मिलने के बाद उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई। आरोप यह भी है कि परिवार की उचित सहमति के बिना शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने से दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना खत्म हो गई और क्या इससे किसी संभावित सबूत की जांच प्रभावित हुई।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई और इसमें FIR में नामजद तीनों लोगों की कथित भूमिका क्या थी।

अंतिम संस्कार के दस्तावेजों पर भी सवाल

जांच के दौरान अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों और औपचारिकताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दस्तावेजों पर पीड़िता के माता-पिता के बजाय पड़ोसियों के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है।

पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार की अनुमति और प्रक्रिया में परिवार की वास्तविक भूमिका क्या थी।

मुख्य रेप-मर्डर केस से अलग है FIR

यह नई FIR आरजी कर रेप-मर्डर की मुख्य जांच से अलग मामला है। मूल रेप-मर्डर केस की जांच CBI ने संभाली थी, जबकि अंतिम संस्कार से जुड़े नए आरोपों की जांच अब खड़दह पुलिस कर रही है।

नया मामला सामने आने के बाद आरजी कर केस में एक और जांच का रास्ता खुल गया है। पुलिस यह जांच करेगी कि क्या अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ था और क्या किसी व्यक्ति ने जानबूझकर आगे की फोरेंसिक जांच या संभावित सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की।

FIR के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

इस मामले में पूर्व TMC विधायक नर्मल घोष का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो सकती है। हालांकि, FIR में नाम दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस अब तीनों आरोपियों की भूमिका, अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों और उस समय की घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

आरजी कर केस पहले ही देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक विवाद का कारण बन चुका है। अब अंतिम संस्कार से जुड़ी इस नई FIR ने मामले में एक और गंभीर अध्याय जोड़ दिया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0