Google सर्च, मशरूम से जहर देने का प्लान और खाई में धक्का! केतन अग्रवाल हत्याकांड की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में मोबाइल डेटा, चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर कथित साजिश की कई परतों का जिक्र किया गया है।

Sep 29, 2026 - 17:00
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Google सर्च, मशरूम से जहर देने का प्लान और खाई में धक्का! केतन अग्रवाल हत्याकांड की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट सामने आने के बाद मामले की जांच से जुड़े कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। पुलिस ने इस केस में करीब 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा, चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े मोबाइल और सोशल मीडिया डेटा की पड़ताल की गई। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ ऐसे Google searches सामने आए, जिनमें जहर देने के तरीकों और मशरूम से जुड़ी जानकारी तलाशने का दावा किया गया है। पुलिस इन सर्च हिस्ट्री को कथित साजिश से जोड़कर जांच कर रही है।

चार्जशीट में कथित तौर पर लोहागढ़ को हत्या के लिए चुने जाने का भी जिक्र है। पुलिस के अनुसार, 28 मई को लोहागढ़ की रेकी की गई और 29 मई को एक चर्चित हत्या मामले की स्टडी किए जाने का दावा किया गया। इसके बाद 31 मई को केतन को ट्रैकिंग के बहाने वहां ले जाने की कथित योजना बनाई गई।

जांच के मुताबिक, पुलिस ने इस पूरे मामले में डिजिटल सबूतों को काफी अहम माना है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी डेटा की मदद से पुलिस ने घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की है।

पुलिस की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि केतन को लोहागढ़ ले जाने के लिए सोशल मीडिया के जरिए एक फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि इसी बहाने उसे ट्रैकिंग और जन्मदिन से जुड़े प्लान का भरोसा दिलाया गया।

मामले की जांच में पुलिस ने आरोपियों के बीच हुई कथित बातचीत और घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले। इसके अलावा, घटनास्थल और आसपास मौजूद लोगों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।

चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि केतन को लोहागढ़ ले जाने के बाद उसे कथित तौर पर खाई में धक्का दिया गया। शुरुआत में घटना को दुर्घटना के तौर पर देखा गया था, लेकिन बाद की जांच में पुलिस ने इसे हत्या की साजिश का हिस्सा बताया।

इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और चार्जशीट में कथित साजिश के अलग-अलग पहलुओं को विस्तार से रखा है। जांच एजेंसी ने डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम को सामने रखने की कोशिश की है।

हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। किसी आरोपी को दोषी ठहराने का अंतिम फैसला अदालत द्वारा सबूतों और पूरी सुनवाई के बाद ही किया जाएगा।

केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब 5,053 पन्नों की यह चार्जशीट जांच की दिशा और कथित साजिश से जुड़े कई अहम सवालों को सामने लेकर आई है। आने वाली न्यायिक कार्यवाही में इन डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों की क्या भूमिका रहती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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