इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026: PM मोदी ने किया उद्घाटन, 5G कनेक्टिविटी से लेकर 6G और AI तक दिखेगा टेक्नोलॉजी का भविष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल डिवाइड की चुनौती से आगे बढ़ते हुए देश के कोने-कोने तक 5G कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में बड़ी प्रगति की है। IMC 2026 में 5G, 6G, AI, रोबोटिक्स, स्मार्ट मोबिलिटी और अन्य भविष्य की तकनीकों की झलक देखने को मिलेगी।
भारत के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम आयोजनों में से एक इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में भारत समेत दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियां, टेलीकॉम इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की डिजिटल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने उस दौर से लंबा सफर तय किया है, जब डिजिटल डिवाइड एक बड़ी चुनौती हुआ करता था। आज देश में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है और 5G नेटवर्क का विस्तार लगातार हो रहा है।
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि मोबाइल और डिजिटल टेक्नोलॉजी ने कोरोना महामारी के दौरान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महामारी के समय मोबाइल और इंटरनेट की मदद से लोगों का काम और पढ़ाई जारी रह सकी। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों को कई जरूरी सेवाओं से जोड़े रखने में भी मदद की।
उन्होंने बताया कि डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार का असर सरकारी योजनाओं पर भी पड़ा है। तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ लोगों तक पहले की तुलना में ज्यादा आसानी से पहुंचाया जा रहा है।
IMC 2026 सिर्फ 5G तक सीमित नहीं है। इस बार कार्यक्रम में 5G और 6G के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, स्मार्ट मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी और नई पीढ़ी के नेटवर्क जैसी तकनीकों पर भी खास फोकस है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों की भी झलक देखने को मिल रही है। इसका मकसद यह दिखाना है कि भविष्य में कनेक्टिविटी सिर्फ मोबाइल फोन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिवहन, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।
इस आयोजन में दुनिया भर से बड़ी संख्या में कंपनियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। स्टार्टअप्स के लिए भी यह एक बड़ा मंच है, जहां वे अपने नए आइडिया और डीप-टेक सॉल्यूशंस को निवेशकों और इंडस्ट्री लीडर्स के सामने पेश कर सकते हैं।
भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा में 6G को अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। जहां 5G ने तेज इंटरनेट और कम लेटेंसी के जरिए कनेक्टिविटी को बदलना शुरू किया है, वहीं 6G से ज्यादा तेज और स्मार्ट नेटवर्क, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एआई आधारित सिस्टम और अत्याधुनिक डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
IMC 2026 का एक अहम संदेश यह भी है कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता बनने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि टेक्नोलॉजी विकसित करने और उसे दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में उभरती तकनीकों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि आने वाले वर्षों में AI, रोबोटिक्स, स्मार्ट डिवाइस, कनेक्टेड वाहन और अगली पीढ़ी के नेटवर्क किस तरह भारत के उद्योग और समाज को बदल सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी को समावेशी विकास से जोड़ने पर भी जोर दिया। डिजिटल कनेक्टिविटी का उद्देश्य सिर्फ तेज इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी सेवाओं, रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना भी है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 ऐसे समय में हो रही है जब भारत 5G के बाद 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक के क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में यह आयोजन भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं की एक झलक भी पेश करता है।
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