गुजरात के स्कूलों में छुट्टियों पर भी लग सकती हैं क्लास, भारी बारिश से पढ़ाई प्रभावित
गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। अब शिक्षा विभाग का फोकस सिलेबस समय पर पूरा करने पर है। जरूरत पड़ने पर छुट्टियों के दिनों में भी कक्षाएं लगाई जा सकती हैं।
गुजरात में हाल की भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन के साथ-साथ स्कूलों की पढ़ाई को भी प्रभावित किया है। खासकर दक्षिण गुजरात के कई जिलों में लंबे समय तक खराब मौसम और जलभराव के कारण नियमित शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हुईं।
अब राज्य के शिक्षा विभाग ने सिलेबस पूरा करने को प्राथमिकता दी है। पढ़ाई के हुए नुकसान की भरपाई के लिए जरूरत पड़ने पर स्कूलों में छुट्टियों के दिन भी कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मिलिंद तोरावणे के मुताबिक, राज्य के पाठ्यक्रम के अनुसार साल में करीब 220 शैक्षणिक दिनों की जरूरत होती है। रविवार के अलावा गर्मी और सर्दी की छुट्टियों को ध्यान में रखने के बाद भी सामान्य परिस्थितियों में पर्याप्त शैक्षणिक दिन उपलब्ध रहते हैं।
हालांकि, भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई का समय प्रभावित हुआ है। ऐसे में विभाग अब यह देख रहा है कि खोए हुए शैक्षणिक दिनों की भरपाई किस तरह की जाए, ताकि छात्रों का पूरा पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके।
जरूरत पड़ने पर स्कूलों के नियमित कैलेंडर में बदलाव किया जा सकता है और कुछ छुट्टियों के दिन पढ़ाई कराई जा सकती है। इसका उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई पर मौसम की वजह से पड़े असर को कम करना है।
बारिश से छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी एक और समस्या सामने आई है। प्रभावित जिलों में कुछ छात्रों की किताबें बारिश और बाढ़ के पानी से खराब या नष्ट हो गई हैं। शिक्षा विभाग ने ऐसे छात्रों की जानकारी जिलों से मांगी है, ताकि उन्हें नई किताबें उपलब्ध कराई जा सकें।
दक्षिण गुजरात के नवसारी, वलसाड और सूरत समेत कई जिलों में भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान-माल का नुकसान भी हुआ है।
अब शिक्षा विभाग के सामने चुनौती है कि मौसम की वजह से प्रभावित हुई पढ़ाई को पटरी पर लाया जाए। ऐसे में छात्रों और शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाओं के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
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