नाना पाटेकर की वो नसीहत आज भी याद करते हैं बासित अली, दोस्त के निधन से टूटे पाकिस्तानी क्रिकेटर
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली भी भावुक हो गए। उन्होंने 1994 से चली आ रही अपनी दोस्ती को याद करते हुए बताया कि मां के निधन के बाद नाना ने उन्हें संभलकर रहने की सलाह दी थी। अभिनेता का अपनापन आज भी उनके दिल में बसा है।
नाना पाटेकर के निधन से भावुक हुए बासित अली
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी उनके प्रशंसकों को दुखी कर दिया। 75 वर्ष की उम्र में अभिनेता के दुनिया छोड़ने के बाद पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने उन्हें याद करते हुए कई भावुक किस्से साझा किए। बासित के लिए नाना केवल एक मशहूर कलाकार नहीं, बल्कि मुश्किल समय में साथ देने वाले करीबी दोस्त थे।
बासित अली ने बताया कि उनकी बातचीत साल 1994 में शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच ऐसा रिश्ता बन गया, जो वर्षों तक कायम रहा। वे नियमित रूप से एक-दूसरे का हालचाल लेते थे और निजी जिंदगी से जुड़ी बातें भी साझा करते थे।
मां के निधन के बाद नाना ने दी थी खास सलाह
बासित अली ने अपनी जिंदगी के सबसे भावुक दौर को याद करते हुए बताया कि जब उनकी मां अस्पताल में भर्ती थीं, तब नाना पाटेकर लगातार उनका हाल पूछते थे। अभिनेता उनकी मां से भी बात करते और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते थे।
मां के निधन के बाद नाना ने बासित को एक ऐसी बात कही, जिसे वह आज तक नहीं भूले हैं। बासित के मुताबिक, अभिनेता ने उनसे कहा था, “बासित, अब थोड़ा संभलकर रहना।”
यह सलाह उनके लिए केवल शब्द नहीं थी, बल्कि एक ऐसे दोस्त की चिंता थी, जो उनके दुख को समझता था। बासित ने बताया कि नाना ने मुश्किल समय में उन्हें भावनात्मक सहारा दिया और कभी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि वह अकेले हैं।
दिल की बीमारी के बाद भी लेते थे हालचाल
बासित अली ने एक और घटना का जिक्र किया, जब उन्हें दिल से जुड़ी परेशानी के बाद इलाज कराना पड़ा था। घर लौटने के बाद नाना पाटेकर ने उन्हें संदेश भेजकर तबीयत के बारे में पूछा। उन्होंने बासित से कहा कि जब वह बेहतर महसूस करें, तो उन्हें फोन करें।
बासित ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान नाना ने उनके इलाज और स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस घटना ने उन्हें फिर एहसास कराया कि अभिनेता पर्दे पर ही नहीं, वास्तविक जीवन में भी संवेदनशील और परवाह करने वाले इंसान थे।
‘वह असल जिंदगी में भी वैसे ही थे’
बासित अली ने नाना पाटेकर को एक नेकदिल और सच्चा इंसान बताते हुए कहा कि उनका व्यवहार फिल्मों में दिखने वाले व्यक्तित्व से अलग नहीं था। दोनों के बीच बातचीत में अपनापन और मजाक भी रहता था। बासित उन्हें अक्सर ‘यंग मैन’ कहकर बुलाते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि नाना अपनी उम्र से कहीं अधिक युवा दिखाई देते हैं।
अभिनेता के निधन की खबर सुनकर बासित को गहरा सदमा लगा। उन्होंने कहा कि नाना जैसे व्यक्ति का जाना बेहद दुखद है और उनकी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
सरहदों से परे था नाना पाटेकर का सम्मान
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय से खास पहचान बनाई थी। उनके प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान समेत दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद थे।
बासित अली की भावुक श्रद्धांजलि इस बात को दिखाती है कि कला और इंसानी रिश्ते राष्ट्रीय सीमाओं से आगे भी लोगों को जोड़ सकते हैं। नाना पाटेकर की दोस्ती, उनकी सलाह और मुश्किल समय में दिखाई गई संवेदनशीलता बासित के लिए ऐसी यादें हैं, जिन्हें वह कभी भुला नहीं पाएंगे।
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