भारत बना रहा शिंकुन ला सुरंग: निम्मू-पदम-दारचा रोड से चीन सीमा तक सेना की पहुंच होगी आसान
भारत लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के बीच रणनीतिक कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए निम्मू-पदम-दारचा रोड और शिंकुन ला सुरंग पर तेजी से काम कर रहा है। BRO के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने प्रोजेक्ट योजक का दौरा कर इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
नई दिल्ली: भारत हिमालय के बेहद दुर्गम इलाकों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इनमें निम्मू-पदम-दारचा रोड और शिंकुन ला सुरंग प्रमुख हैं, जो लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसी सिलसिले में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह (AVSM, VSM) ने 18 से 20 अगस्त 2026 तक प्रोजेक्ट योजक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे प्रमुख रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की।
दुर्गम हिमालयी इलाके में बन रहा रणनीतिक नेटवर्क
प्रोजेक्ट योजक के तहत देश के सबसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में सड़क और सुरंग निर्माण का काम किया जा रहा है। यहां ऊंचाई, अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां निर्माण कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह के दौरे के दौरान खास तौर पर निम्मू-पदम-दारचा रूट पर चल रहे काम की समीक्षा की गई।
निम्मू-पदम-दारचा रोड क्यों है अहम?
निम्मू-पदम-दारचा रोड को लद्दाख, जंस्कार और हिमाचल प्रदेश के बीच रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस सड़क के बेहतर होने से इस क्षेत्र में लोगों, आवश्यक सामान, वाहनों और सैन्य संसाधनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है। दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में बेहतर सड़क नेटवर्क सेना की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करता है।
शिंकुन ला सुरंग से मिलेगी बड़ी राहत
शिंकुन ला सुरंग इस रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऊंचाई वाले शिंकुन ला क्षेत्र में अधिक भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
सुरंग बनने के बाद कठिन पहाड़ी दर्रों पर निर्भरता कम करने और इस क्षेत्र में आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इससे लद्दाख के रणनीतिक इलाकों तक पहुंच और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
BRO ने लिया प्रोजेक्ट्स का जायजा
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने निर्माण कार्य की प्रगति और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने से जुड़ी चुनौतियों का जायजा लिया।
भारत के लिए इन परियोजनाओं का महत्व सिर्फ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। चीन सीमा के करीब रणनीतिक इलाकों में मजबूत सड़क और सुरंग नेटवर्क सेना की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
निम्मू-पदम-दारचा रोड और शिंकुन ला सुरंग के पूरा होने से पश्चिमी हिमालय में भारत का रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।
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