ट्रंप का कनाडा पर 50% टैरिफ का बड़ा वार, PM मार्क कार्नी बोले- व्यापार वार्ता को और तेज करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के कई उत्पादों पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को और तेज करेगी, साथ ही कनाडाई उद्योगों और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

Jul 21, 2026 - 12:43
 0  2
ट्रंप का कनाडा पर 50% टैरिफ का बड़ा वार, PM मार्क कार्नी बोले- व्यापार वार्ता को और तेज करेंगे

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। व्हाइट हाउस के अनुसार यह फैसला कनाडा की उन व्यापारिक नीतियों के जवाब में लिया गया है, जिन्हें अमेरिका ने अपने ऑटोमोबाइल, डेयरी और शराब उद्योग के साथ भेदभावपूर्ण बताया है।

ट्रंप प्रशासन ने यह कदम 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 के तहत उठाया है। इस प्रावधान का इस्तेमाल दशकों बाद किया गया है। नई व्यवस्था के तहत कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर 50% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा, हालांकि ऊर्जा उत्पाद, पोटाश, कुछ महत्वपूर्ण खनिज और कुछ अन्य श्रेणियों को इस फैसले से बाहर रखा गया है।

व्हाइट हाउस का कहना है कि कनाडा ने अमेरिकी कारों, डेयरी उत्पादों और शराब पर ऐसे प्रतिबंध और शुल्क लगाए हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हुआ है। प्रशासन का दावा है कि नया टैरिफ अमेरिकी उद्योगों के लिए "समान अवसर" सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

उधर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि कनाडा लगातार समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है और आने वाले हफ्तों में बातचीत को और गति दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कनाडा अपने किसानों, उद्योगों, व्यवसायों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

कार्नी ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा उठाया गया यह कदम दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक तनाव को और बढ़ा सकता है। उनके अनुसार कनाडा मुक्त और निष्पक्ष व्यापार का समर्थक है तथा वह बातचीत के जरिए विवाद का समाधान चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारिक टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव उत्तरी अमेरिका की सप्लाई चेन और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका और कनाडा के बीच वर्षों से विकसित आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। ऑटोमोबाइल, कृषि, खाद्य उत्पाद, शराब, निर्माण सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं के कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। यदि टैरिफ लागू होते हैं, तो कई उत्पादों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।

अर्थशास्त्रियों ने भी इस फैसले को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते दशकों पुराने हैं और इस तरह के अतिरिक्त शुल्क से महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों की लागत में इजाफा हो सकता है और निवेश का माहौल प्रभावित हो सकता है। कई उद्योग संगठनों ने भी दोनों सरकारों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक समझौते और आर्थिक सहयोग को लेकर पहले से ही कई मुद्दों पर मतभेद चल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त व्यापारिक नीति अपनाएगा, जबकि कनाडा का दावा है कि उसने हमेशा नियम आधारित और संतुलित व्यापार का समर्थन किया है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत सफल नहीं होती, तो व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि, कनाडा की ओर से वार्ता जारी रखने की इच्छा जताए जाने से यह उम्मीद भी बनी हुई है कि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान तक पहुंच सकते हैं।

फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और कनाडा के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि दोनों देश बातचीत के जरिए मतभेद दूर करने में सफल रहते हैं, तो संभावित व्यापार युद्ध टल सकता है। लेकिन यदि तनाव बढ़ता है, तो इसका असर केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, निवेश और सप्लाई चेन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0