Monsoon Session Day 8 LIVE: 'गृहमंत्री को सदन में लाओ' के नारों से गूंजी लोकसभा, विपक्ष का जोरदार हंगामा
संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन लोकसभा में विपक्ष ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने "गृहमंत्री को सदन में लाओ" के नारे लगाए और गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग की, जिससे कार्यवाही बाधित हुई।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने हाल के दिनों में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे और पूरे सदन में "गृहमंत्री को सदन में लाओ" तथा "जवाब दो, जवाब दो" जैसे नारे गूंजने लगे। विपक्ष का कहना था कि इतने गंभीर मुद्दे पर केवल दूसरे मंत्री का जवाब पर्याप्त नहीं है और गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करें। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और सदन का माहौल बेहद गर्म रहा।
विपक्ष का आरोप है कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के कई सांसदों ने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और इस पूरे मामले की राजनीतिक तथा प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने मांग की कि गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर पूरी घटना का विस्तृत विवरण दें और यह भी स्पष्ट करें कि पुलिस को कार्रवाई के निर्देश किस स्तर से दिए गए थे। विपक्षी नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के प्रतिनिधियों को ऐसे संवेदनशील मामलों पर सरकार से सीधा जवाब मांगने का अधिकार है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा, जिससे सदन में सामान्य कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया।
सरकार की ओर से सत्ता पक्ष के सांसदों ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया। उनका कहना था कि सरकार संसद के भीतर हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष से अपील की कि वह अपनी बात नियमों के तहत रखे और विधायी कार्यों को आगे बढ़ने दे। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ने भी कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण कई बार कार्यवाही बाधित हुई और निर्धारित एजेंडे पर चर्चा प्रभावित हुई।
इस बीच संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गृह सचिव और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) प्रमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, संसद में उठाए जा रहे मुद्दों और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई। हालांकि सरकार की ओर से बैठक के विस्तृत एजेंडे की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन विपक्ष ने इसे अपने उठाए गए मुद्दों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को सदन के भीतर भी उतनी ही गंभीरता से जवाब देना चाहिए जितनी गंभीरता से वह बैठकों में चर्चा कर रही है।
मानसून सत्र के मौजूदा चरण में पहले से ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में विपक्ष के विरोध और सरकार के जवाब के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, कानून-व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे संसद की कार्यवाही के केंद्र में बने हुए हैं। विपक्ष इन विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से मानसून सत्र का लगभग हर दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम बन गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर हो रही यह टकराहट केवल तत्कालीन मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों का भी संकेत देती है। विपक्ष लगातार जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं है। ऐसे माहौल में सदन के भीतर बहस से ज्यादा नारेबाजी और विरोध देखने को मिल रहा है, जिसका असर विधायी कार्यों की गति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल लोकसभा में विपक्ष अपनी मांग पर कायम है कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन में आकर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य विवादित मुद्दों पर जवाब दें। दूसरी ओर सरकार अपने तय एजेंडे के अनुसार विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। आने वाले घंटों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार गृह मंत्री की ओर से विस्तृत बयान देती है या फिर सदन में जारी गतिरोध और हंगामे के बीच कार्यवाही को आगे बढ़ाने का कोई नया रास्ता निकाला जाता है। संसद के मानसून सत्र का आठवां दिन फिलहाल तीखे राजनीतिक टकराव, जोरदार नारेबाजी और जवाबदेही की मांग के कारण राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
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