Jharkhand Student Protest Live: सातवें बैरिकेड तक पहुंचे छात्र, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन तो झूम उठे प्रदर्शनकारी

रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विधानसभा घेराव आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी सातवें बैरिकेड के पास पहुंच गए हैं। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद छात्र जोश में नारेबाजी करते नजर आए।

Aug 10, 2026 - 12:37
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Jharkhand Student Protest Live: सातवें बैरिकेड तक पहुंचे छात्र, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन तो झूम उठे प्रदर्शनकारी

रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार के साथ रविवार को करीब पांच घंटे तक चली तीन दौर की मैराथन वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का अपना ऐलान जारी रखा।

सोमवार सुबह पुरानी विधानसभा के पास बड़ी संख्या में छात्र जुटे और नई विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की। अब प्रदर्शनकारी सातवें बैरिकेड के पास पहुंच गए हैं।

पुलिस ने चलाया वाटर कैनन

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछारों के बीच भी छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी नारे लगाते और आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए।

छात्र संगठनों ने पहले ही प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने और किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आने की अपील की थी।

सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानी गईं

रविवार को सरकार की विशेष कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक बातचीत हुई। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा वार्ता में शामिल हुए।

सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC PT परीक्षा और ACF परीक्षा रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करना शामिल है।

लेकिन छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं।

JSSC-CGL पर अब भी गतिरोध

आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की CBI जांच कराने की मांग है। छात्र इस मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

वहीं, JMM मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कहना है कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।

यही मुद्दा सरकार और छात्रों के बीच समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

विधानसभा के आसपास कड़ी सुरक्षा

विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गई है, हालांकि झारखंड हाई कोर्ट को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

प्रशासन ने रास्ते में कई बैरिकेड लगाए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी ओर, छात्र लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

अब आगे क्या?

सातवें बैरिकेड तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद रांची में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। छात्रों की मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना और CBI जांच है, जबकि सरकार का कहना है कि वह छात्रों की लगभग 98 फीसदी मांगें पहले ही मान चुकी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच दोबारा बातचीत होगी या प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर अपना मार्च जारी रखेंगे। फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति पर है।

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