Jharkhand Student Protest Live: छात्रों ने लांघा पहला बैरिकेड, 5 और बाकी! विधानसभा की ओर बढ़ा मार्च, एंबुलेंस में देवेंद्र महतो
रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विधानसभा घेराव आंदोलन तेज हो गया है। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने मार्च शुरू कर दिया है और पहला बैरिकेड पार कर लिया है। JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अब भी गतिरोध बना हुआ है।
रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को और तेज हो गया। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक चली तीन दौर की मैराथन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा के पास जुटे और नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया।
मार्च के दौरान छात्रों ने पहला बैरिकेड पार कर लिया है, जबकि प्रशासन की ओर से आगे कई और बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारी लगातार विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान देवेंद्र महतो के एंबुलेंस में सवार होने की भी खबर सामने आई है।
सरकार ने 98% मांगें मानने का किया दावा
रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार की विशेष कमेटी के बीच हुई बातचीत में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए।
सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC PT परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसी मांगें शामिल हैं।
हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर अभी समाधान नहीं हुआ है।
JSSC-CGL और CBI जांच पर फंसा मामला
छात्रों की सबसे बड़ी मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की CBI जांच शामिल है। इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।
यही मुद्दा आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बनता नजर आ रहा है और छात्र अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गई है। झारखंड हाई कोर्ट को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
प्रशासन की ओर से कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। वहीं छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह के बहकावे में न आने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है।
फिलहाल छात्रों का मार्च जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी आगे के बैरिकेड पार कर विधानसभा परिसर के कितने करीब पहुंच पाते हैं। JSSC-CGL परीक्षा, CBI जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सरकार और छात्रों के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
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