CJP प्रदर्शन पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले- 'PM मोदी छात्रों से माफी मांगें, लाठीचार्ज पर क्यों हैं खामोश?'
CJP प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए और इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि देश के युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। उनके अनुसार यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो रहे हैं, तो यह सरकार के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग करने का।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि आखिर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज पर उनकी चुप्पी क्यों है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सामने आकर देश के युवाओं से बात करनी चाहिए और यदि कहीं प्रशासन की ओर से गलत कार्रवाई हुई है तो उसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद का मानसून सत्र जारी है और विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों, CJP आंदोलन और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार को घेर रहा है। संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सरकार से जवाब मांगा।
वहीं, सरकार की ओर से अब तक यह कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे और किसी भी कार्रवाई का उद्देश्य केवल स्थिति को नियंत्रित करना था।
इस बीच CJP आंदोलन भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है और कई छात्र संगठन भी उनके समर्थन में सामने आए हैं। राजधानी दिल्ली सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उनका आरोप है कि छात्रों के साथ सख्ती लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जो कदम उठाए, वे परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक थे और विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP प्रदर्शन और उस पर हुई कार्रवाई आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी रह सकती है। विपक्ष इसे युवाओं और शिक्षा से जोड़कर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई का पक्ष रख रही है।
फिलहाल इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी की प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाती है और क्या छात्रों की मांगों को लेकर कोई नई पहल की जाती है।
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