रूस-यूक्रेन जंग फिर भड़की: सीजफायर खत्म होते ही रूस ने दागीं सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें, कई शहरों में तबाही
सीजफायर समाप्त होने के बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। राजधानी कीव समेत कई शहरों में धमाकों, आगजनी और भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा ठिकानों और मॉस्को के आसपास ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में खत्म हुए अस्थायी सीजफायर के बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। राजधानी कीव, खारकीव, ओडेसा और ड्नीप्रो समेत कई शहरों में रातभर धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में रिहायशी इमारतें, ऊर्जा ढांचे और औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार रूस ने एक ही रात में सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने दावा किया कि यह हाल के महीनों का सबसे बड़ा हवाई हमला था। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जबकि कई इमारतों में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। यूक्रेनी एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, लेकिन कुछ मिसाइलें आबादी वाले क्षेत्रों में गिरने से भारी नुकसान हुआ।
राजधानी कीव में हुए हमलों के बाद कई लोगों के घायल होने और कुछ नागरिकों की मौत की भी खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई परिवारों को रात के समय बंकरों में शरण लेनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बहुमंजिला इमारतों से उठती आग की लपटें और सायरनों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। यूक्रेनी प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और एयर रेड अलर्ट को गंभीरता से लेने की अपील की है।
रूस की ओर से कहा गया है कि ये हमले यूक्रेन द्वारा रूसी क्षेत्रों पर बढ़ते ड्रोन हमलों के जवाब में किए जा रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने यूक्रेन के सैन्य ठिकानों, हथियार डिपो और ऊर्जा नेटवर्क को निशाना बनाया। दूसरी तरफ यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को टारगेट कर रहा है ताकि दबाव बनाया जा सके।
इस बीच यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल के दिनों में यूक्रेनी ड्रोन रूस के कई ऊर्जा और तेल प्रतिष्ठानों तक पहुंचे हैं। मॉस्को के आसपास ड्रोन अलर्ट जारी किए गए जबकि रूस के कुछ प्रमुख ऑयल रिफाइनरी क्षेत्रों में आग लगने की खबरें भी सामने आईं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यूक्रेन अब रूस की आर्थिक क्षमता और ऊर्जा नेटवर्क को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच हालिया सीजफायर को लेकर पहले ही संदेह जताया जा रहा था। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए थे। अब सीजफायर खत्म होने के तुरंत बाद जिस तरह बड़े पैमाने पर हमले शुरू हुए हैं, उससे साफ है कि शांति वार्ता फिलहाल बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने नागरिक इलाकों पर हमलों की निंदा की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि अब तक किसी बड़े कूटनीतिक समाधान के संकेत नहीं मिले हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में ड्रोन युद्ध और भी तेज हो सकता है, क्योंकि दोनों देश लंबी दूरी तक हमला करने वाली तकनीक पर तेजी से काम कर रहे हैं।
युद्ध के बढ़ते असर का सीधा प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ रहा है। यूक्रेन के कई हिस्सों में लगातार एयर रेड, बिजली संकट और बुनियादी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। वहीं रूस के सीमावर्ती इलाकों और तेल ढांचों पर हो रहे हमलों से वहां भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द कोई राजनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा हालात इस बात का संकेत हैं कि रूस और यूक्रेन दोनों अब “ड्रोन डोमिनेशन” की रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल आने वाले समय में युद्ध को और अधिक विनाशकारी बना सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच दोबारा किसी नए युद्धविराम की कोशिश होगी या फिर यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक चरण में प्रवेश करेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0