कॉलेज छोड़ो, ड्रोन उड़ाओ और लाखों कमाओ! रूस का छात्रों को सेना में भर्ती होने का बड़ा ऑफर

Russia में यूनिवर्सिटी छात्रों को सेना के ड्रोन यूनिट्स में शामिल होने के लिए बड़े पैमाने पर ऑफर दिए जा रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई से ब्रेक, मोटी सैलरी, बोनस और फ्री ट्यूशन जैसी सुविधाओं का लालच देकर ड्रोन पायलट बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालांकि इस अभियान को लेकर विवाद और चिंता भी बढ़ती जा रही है।

May 15, 2026 - 14:50
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कॉलेज छोड़ो, ड्रोन उड़ाओ और लाखों कमाओ! रूस का छात्रों को सेना में भर्ती होने का बड़ा ऑफर

Russia में यूक्रेन युद्ध के बीच अब सेना के लिए नए तरीके से भर्ती अभियान चलाया जा रहा है और इस बार निशाने पर कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई बड़े रूसी संस्थानों में छात्रों को पढ़ाई छोड़कर सेना के ड्रोन यूनिट्स में शामिल होने का ऑफर दिया जा रहा है।

 इसके बदले उन्हें भारी सैलरी, साइनिंग बोनस, पढ़ाई में छूट, अकादमिक लीव और बाद में दोबारा कॉलेज में दाखिले की गारंटी जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छात्रों को सालाना 50 लाख रुपये से ज्यादा के पैकेज जैसे ऑफर दिखाए जा रहे हैं ताकि वे ड्रोन ऑपरेटर या इंजीनियर के तौर पर सेना में शामिल हो जाएं।

रिपोर्ट्स के अनुसार रूस के कई तकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पोस्टर, पैंफलेट और प्रेजेंटेशन के जरिए छात्रों को यह बताया जा रहा है कि ड्रोन यूनिट्स भविष्य की “एलीट फोर्स” हैं। छात्रों को कहा जा रहा है कि वे फ्रंटलाइन से दूर रहकर हाई-टेक ड्रोन ऑपरेशन संभालेंगे और उन्हें युद्ध में “कम जोखिम” का सामना करना पड़ेगा। कुछ यूनिवर्सिटीज छात्रों को फ्री ट्यूशन और पढ़ाई पूरी करने के लिए विशेष व्यवस्था का भी वादा कर रही हैं।

लेकिन कई स्वतंत्र मीडिया रिपोर्ट्स और मानवाधिकार समूहों ने दावा किया है कि इन ऑफर्स के पीछे छात्रों पर अप्रत्यक्ष दबाव भी बनाया जा रहा है, खासकर उन छात्रों पर जिनकी पढ़ाई कमजोर है या जो आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। 

रूस की सरकार और रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक भर्ती प्रक्रिया है और किसी भी छात्र को जबरदस्ती सेना में शामिल नहीं किया जा रहा।

 हालांकि आलोचकों का आरोप है कि युद्ध लंबा खिंचने के कारण रूस अब युवाओं और तकनीकी छात्रों को तेजी से सेना की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन ऑपरेटरों की भूमिका बेहद अहम हो गई है और यही वजह है कि रूस तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपने ड्रोन फोर्स का हिस्सा बनाना चाहता है। दूसरी ओर, कई परिवारों और छात्र संगठनों में इस अभियान को लेकर चिंता भी बढ़ रही है क्योंकि उन्हें डर है कि छात्रों को “सुरक्षित भूमिका” का सपना दिखाकर युद्ध के खतरनाक माहौल में धकेला जा सकता है।

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