पाकिस्तान क्या चीन के इशारों पर चलता है? पुतिन ने दिया साफ जवाब, तोड़ी बड़ी धारणा
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने पाकिस्तान और चीन के रिश्तों पर बड़ा बयान दिया है। एक भारतीय पत्रकार के सवाल पर पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान किसी के नियंत्रण में नहीं है और वह एक बड़ा, स्वतंत्र देश है। उनके इस बयान ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को लेकर चल रही बहस को नई दिशा दे दी है।
क्या पाकिस्तान पूरी तरह चीन के प्रभाव में है? क्या इस्लामाबाद की विदेश नीति बीजिंग तय करता है? वर्षों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह सवाल चर्चा का विषय रहा है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC), बढ़ते रक्षा सहयोग और अरबों डॉलर के निवेश के कारण अक्सर यह धारणा बनाई जाती रही है कि पाकिस्तान चीन के प्रभाव क्षेत्र में पूरी तरह शामिल हो चुका है।
लेकिन अब रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय देकर इस बहस को नया मोड़ दे दिया है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान एक भारतीय पत्रकार ने पुतिन से सवाल किया कि क्या पाकिस्तान आज चीन के नियंत्रण में है और क्या बीजिंग इस्लामाबाद की नीतियों को प्रभावित करता है। इस पर पुतिन ने सीधा और स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बड़ा देश है, जिसके दुनिया के कई देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि पाकिस्तान किसी एक देश, विशेष रूप से चीन, के नियंत्रण में है।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत दिखाई दे रहे हैं। आर्थिक सहयोग से लेकर रक्षा क्षेत्र तक दोनों देशों की साझेदारी लगातार बढ़ी है। चीन ने पाकिस्तान में सड़क, रेल, ऊर्जा और बंदरगाह परियोजनाओं में भारी निवेश किया है, जबकि पाकिस्तान ने भी चीन को अपना सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार माना है।
हालांकि पुतिन ने यह स्वीकार किया कि चीन के साथ सहयोग पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी स्वतंत्र विदेश नीति रखता है और उसके निर्णय केवल चीन द्वारा संचालित नहीं होते।
विशेषज्ञों के अनुसार पुतिन का बयान केवल पाकिस्तान के बारे में नहीं है, बल्कि यह रूस की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। रूस आज भारत, चीन और पाकिस्तान—तीनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में मॉस्को किसी भी पक्ष को नाराज़ करने से बचना चाहता है।
बातचीत के दौरान पुतिन ने भारत और चीन के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रूस भारत और चीन के बीच मौजूद संवेदनशील मुद्दों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्हें भरोसा है कि दोनों देश बातचीत और कूटनीति के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाने में सक्षम हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping दोनों की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता और शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों ने कई देशों का ध्यान खींचा है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, जिसे CPEC कहा जाता है, चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल का प्रमुख हिस्सा है। इसके तहत पाकिस्तान में अरबों डॉलर की परियोजनाएं चल रही हैं। यही कारण है कि कई विश्लेषक पाकिस्तान को चीन का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार मानते हैं।
लेकिन अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी देश के साथ मजबूत आर्थिक या सैन्य साझेदारी होने का अर्थ यह नहीं है कि वह देश अपनी संप्रभुता खो देता है। पुतिन का बयान इसी दृष्टिकोण को सामने रखता है। उनके अनुसार पाकिस्तान के अपने राष्ट्रीय हित हैं और वह उन्हीं के आधार पर निर्णय लेता है।
रूस और पाकिस्तान के संबंधों में भी हाल के वर्षों में सुधार देखा गया है। ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाया है। यही वजह है कि रूस पाकिस्तान को केवल चीन के दृष्टिकोण से नहीं देखता, बल्कि उसे एक स्वतंत्र क्षेत्रीय खिलाड़ी के रूप में मान्यता देता है।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। भारत, चीन, पाकिस्तान और रूस जैसे देशों के बीच बदलते समीकरण वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे माहौल में रूस का यह संदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि क्षेत्र के देशों को उनकी स्वतंत्र पहचान और विदेश नीति के आधार पर देखा जाना चाहिए, न कि केवल उनके गठबंधनों के आधार पर।
कुल मिलाकर, पुतिन ने उस धारणा को चुनौती दी है जिसमें पाकिस्तान को पूरी तरह चीन के नियंत्रण में बताया जाता है। उनका कहना है कि पाकिस्तान एक बड़ा और स्वतंत्र देश है, जो विभिन्न देशों के साथ अपने हितों के अनुसार संबंध विकसित करता है। हालांकि चीन उसके लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पाकिस्तान की पूरी नीति बीजिंग द्वारा नियंत्रित होती है।
रूस के राष्ट्रपति का यह बयान आने वाले दिनों में भारत, चीन, पाकिस्तान और रूस के बीच कूटनीतिक चर्चाओं में महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है। साथ ही यह दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति को समझने के लिए भी एक अहम संकेत माना जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0