मुंबई लैंडस्लाइड में 3 की मौत, मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए विक्टिम-डिटेक्शन कैमरे का इस्तेमाल
मुंबई के घाटकोपर स्थित गौशिया चाल में बुधवार तड़के हुए लैंडस्लाइड में तीन लोगों की मौत हो गई। मलबे में चार से पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू टीमें विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों की मदद से मलबे में जिंदगी के संकेत तलाश रही हैं।
मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के हुए लैंडस्लाइड ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। गौशिया चाल, चिराग नगर में सुबह करीब 3:48 बजे पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इसके बाद भारी मलबा नीचे बने दो से तीन घरों पर जा गिरा। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार से पांच लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद कई एजेंसियों की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के अंदर फंसे लोगों को खोजने के लिए स्पेशलाइज्ड विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन कैमरों की मदद से मलबे के नीचे किसी व्यक्ति की मौजूदगी या जिंदगी के संकेत तलाशे जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी का हिस्सा गिरने से बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा नीचे आ गया, जिससे आसपास के घर प्रभावित हुए। राहत और बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाते हुए संभावित पीड़ितों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
हादसे में घायल दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी, उम्र 14 वर्ष के रूप में हुई है। सोहेल के सिर में चोट आई है, जबकि मोहम्मद की पीठ में चोट लगी है। दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद BMC मेयर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त अविनाश ढाकने ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मेयर ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। यह सहायता जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से दी जाएगी।
DCP गणेश शिंदे ने बताया कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे चार से पांच लोगों के फंसे होने की आशंका है, हालांकि इस समय सही संख्या की पुष्टि करना संभव नहीं है।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को अस्पताल भेज दिया गया है। घाटकोपर पुलिस मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच कर रही है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे के अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना है। रेस्क्यू टीमें आधुनिक उपकरणों और विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों की मदद से लगातार तलाश कर रही हैं। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में फंसे लोगों की सही संख्या और नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0