मेरठ में SSP ने प्रदर्शनकारियों पर क्यों बरसाए थप्पड़? ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध से जेल तक, जानिए पूरा बवाल
मेरठ में छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान SSP अविनाश पांडेय का एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हो गया। मामले में अधिवक्ता रवि गौतम समेत 8 आरोपियों को जेल भेजा गया है, जबकि पुलिस ने कई अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।
मेरठ में SSP ने प्रदर्शनकारियों पर क्यों बरसाए थप्पड़? ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध से जेल तक, जानिए पूरा बवाल
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई तनातनी के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मेरठ के SSP अविनाश पांडेय एक हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पुलिस वाहन के अंदर थप्पड़ मारते दिखाई दिए। इस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई, बल प्रयोग और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
ललिता गौतम हत्याकांड से शुरू हुआ विरोध
यह पूरा विवाद लगभग दो महीने पहले हुई कॉलेज छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले से जुड़ा है। पीड़ित परिवार और समाज के लोगों का आरोप था कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं हो रही थी। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग मेरठ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन शुरू किया।
प्रदर्शन के दौरान कैसे बिगड़े हालात?
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास जमा हो गए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया।
स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज और हिरासत की कार्रवाई हुई।
SSP के थप्पड़ का वीडियो क्यों हुआ वायरल?
घटना के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक पुलिस वाहन के भीतर बैठे व्यक्ति को SSP अविनाश पांडेय थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं। दावा किया गया कि वह व्यक्ति अधिवक्ता रवि गौतम थे, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठे और विपक्षी दलों के साथ कई सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने लगी थी और कुछ लोग भीड़ को उकसा रहे थे। पुलिस के अनुसार, प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने, सरकारी आदेशों की अवहेलना करने और हिंसा भड़काने की आशंका के चलते कार्रवाई की गई।
वहीं प्रदर्शनकारियों और वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की।
रवि गौतम समेत 8 आरोपी भेजे गए जेल
घटना के बाद पुलिस ने अधिवक्ता रवि गौतम सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके अलावा करीब 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने प्रदर्शन के दौरान भीड़ को भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने में भूमिका निभाई।
वकीलों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी
रवि गौतम की गिरफ्तारी और वायरल वीडियो के बाद वकीलों में भी नाराजगी देखने को मिली। कई अधिवक्ता संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
दलित समाज के संगठनों ने भी आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने ललिता गौतम हत्याकांड की त्वरित जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना के बाद राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यदि प्रदर्शन हिंसक हो जाए तो पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ती है।
हालांकि वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने से पहले आधिकारिक जांच और सभी तथ्यों का सामने आना जरूरी माना जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और सामाजिक संगठनों ने ललिता गौतम हत्याकांड में तेज कार्रवाई तथा वायरल वीडियो की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और प्रशासन इस पूरे विवाद पर आगे क्या कदम उठाता है।
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