दिल्ली कूच के बीच किसानों और सरकार में बनी सहमति, 2 प्रमुख मांगों पर बनी बात; फिलहाल टला मार्च

दिल्ली कूच के बीच किसानों और केंद्र सरकार के बीच हुई बातचीत में अहम प्रगति हुई है। किसान नेताओं के अनुसार सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिसके बाद फिलहाल आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अन्य मांगों पर बातचीत अभी जारी रहेगी।

Jul 21, 2026 - 14:41
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दिल्ली कूच के बीच किसानों और सरकार में बनी सहमति, 2 प्रमुख मांगों पर बनी बात; फिलहाल टला मार्च

दिल्ली कूच के ऐलान के बीच किसानों और केंद्र सरकार के बीच हुई बातचीत से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे गतिरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता में कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है, जिसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले कई दिनों से प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (FTA) समेत अन्य कृषि मुद्दों को लेकर दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे थे। इसके मद्देनजर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर भारी संख्या में किसान जुटे, जबकि हरियाणा पुलिस ने सीमा पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया था।

किसान नेताओं ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है तो वे वार्ता का रास्ता अपनाने के लिए तैयार हैं। इसी बीच सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनने की खबर आई, जिससे टकराव की आशंका कुछ हद तक कम हुई है।

किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख चिंताएं कृषि नीति, किसानों की आय, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्रस्तावित व्यापार समझौते के संभावित प्रभाव से जुड़ी हैं। उनका आरोप है कि किसानों से पर्याप्त परामर्श किए बिना लिए गए फैसलों का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।

सरकार की ओर से बातचीत के दौरान किसानों की चिंताओं को सुना गया और कुछ मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया। हालांकि सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बनी है, लेकिन दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। किसान नेताओं ने भी कहा है कि वे वार्ता के परिणामों का आकलन करने के बाद आंदोलन के अगले चरण पर फैसला लेंगे।

इस घटनाक्रम के बीच शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह सख्त बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। दिल्ली और सीमावर्ती इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था को भी नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

किसान संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि यदि बातचीत के जरिए समाधान निकलता है तो यह सभी पक्षों के हित में होगा। वहीं सरकार भी लगातार संवाद के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बातचीत में आई यह प्रगति फिलहाल तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और शेष मांगों पर आगे की वार्ता महत्वपूर्ण होगी। यदि दोनों पक्ष संवाद जारी रखते हैं तो गतिरोध का स्थायी समाधान निकल सकता है।

फिलहाल किसान संगठनों और सरकार के बीच संवाद जारी है। दोनों पक्षों की अगली बैठक और शेष मांगों पर होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सहमति व्यापक समझौते का रूप लेती है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।

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