दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पर हमले का आरोप, PhD स्कॉलर सस्पेंड
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी में एक PhD स्कॉलर पर प्रोफेसर को थप्पड़ मारने और कथित तौर पर हमला करने का आरोप लगा है। घटना CCTV कैमरे में कैद होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पर कथित हमले का मामला सामने आने के बाद कैंपस में हड़कंप मच गया। विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी के एक PhD स्कॉलर पर प्रोफेसर के साथ मारपीट करने और उन्हें थप्पड़ मारने का आरोप है। घटना कथित तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के उमंग भवन में हुई और इसका एक हिस्सा CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि PhD स्कॉलर शुबham सिंह ने प्रोफेसर के पास जाकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें थप्पड़ मारा। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर बीच-बचाव किया। (indiatoday.in)
CCTV फुटेज से सामने आया मामला
इस पूरे मामले में CCTV फुटेज को अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फुटेज में छात्र को प्रोफेसर के पास जाते और कथित तौर पर उन पर हमला करते हुए देखा गया।
CCTV सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और छात्र के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की। हालांकि, हमले से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत या विवाद हुआ था, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
PhD स्कॉलर को किया गया सस्पेंड
घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से छात्र के खिलाफ सस्पेंशन का आदेश जारी किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र को तत्काल प्रभाव से लॉ फैकल्टी से सस्पेंड किया गया है और उसे विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया है।
विश्वविद्यालय की कार्रवाई का उद्देश्य जांच पूरी होने तक अनुशासन बनाए रखना बताया गया है। मामले में छात्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है। (ndtv.com)
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने घटना की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी का नेतृत्व केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर राजीव गुप्ता कर रहे हैं।
कमेटी में इतिहास विभाग के प्रोफेसर विपुल सिंह और हिंदी विभाग की प्रोफेसर सुधा सिंह को भी शामिल किया गया है। समिति घटना के कारणों, कथित हमले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी तथा विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। (ndtv.com)
प्रोफेसर ने हमले का लगाया आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोफेसर अनुपम झा ने आरोप लगाया कि वह कक्षा लेने जा रहे थे, तभी छात्र ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। हमले में उनके हाथ और कोहनी पर चोट लगने की बात भी सामने आई है। (hindustantimes.com)
बताया जा रहा है कि प्रोफेसर और छात्र के बीच पहले भी विश्वविद्यालय से जुड़े किसी शैक्षणिक मामले में बातचीत हुई थी। हालांकि, क्या उस पुराने संपर्क का इस कथित हमले से कोई संबंध था, यह अभी जांच का विषय है।
शिक्षकों में नाराजगी
घटना के सामने आने के बाद शिक्षकों के एक वर्ग में भी नाराजगी देखी गई। शिक्षकों के संगठन ने प्रोफेसर पर कथित हमले की निंदा करते हुए कैंपस में शिक्षकों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर चिंता जताई है।
शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की हिंसा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। (indiatoday.in)
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, प्रोफेसर और छात्र के बयान तथा अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यह भी जांच का विषय होगा कि कथित हमले की शुरुआत कैसे हुई, इसके पीछे कोई पुराना विवाद था या नहीं और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।
विश्वविद्यालय ने छात्र के खिलाफ प्रारंभिक अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी है, लेकिन मामले के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
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