जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' का हल्लाबोल, NEET और CBSE विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोशल मीडिया से उभरे चर्चित युवा संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बड़े ऑफलाइन प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कड़ी सुरक्षा घेराबंदी की है। छात्र NEET पेपर लीक और CBSE परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हैं।
देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर एक बार फिर देशव्यापी छात्र आक्रोश का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक (Satirical) अभियान के रूप में शुरू होकर देखते ही देखते करोड़ों युवाओं और विशेष रूप से जेन-जी (Gen-Z) आबादी का सबसे बड़ा चेहरा बने संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर अपना पहला बड़ा जमीनी शक्ति प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर जुटने वाली इस भारी छात्र भीड़ और संभावित हंगामे की खुफिया सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। पूरे विरोध प्रदर्शन स्थल को बैरिकेड्स की कई परतों से घेर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि चप्पे-चप्पे पर दंगा नियंत्रण वाहनों और वाटर कैनन को तैनात किया गया है।
इस बड़े विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य हाल ही में देश के सबसे बड़े एंट्रेंस और बोर्ड इम्तिहानों में हुए विवादों पर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करवाना है। छात्र संगठन का सीधा आरोप है कि इस साल आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर लीक मामले और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑनलाइन स्पॉट इवैल्यूएशन (OSM) विवाद ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। सीजेपी (CJP) और आंदोलनकारी छात्रों का स्पष्ट कहना है कि इन दोनों बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में हुई अभूतपूर्व प्रशासनिक विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूले हुए हैं, क्योंकि इस डिजिटल रूप से संगठित पार्टी के पास देश भर में युवाओं का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके, जो हाल ही में अमेरिका के बोस्टन से भारत लौटे हैं, इस आंदोलन की कमान खुद संभाल रहे हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके उतरने के साथ ही पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। इसके बाद सीजेपी की तरफ से प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग थाने के बजाय सीधे जंतर-मंतर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए। पुलिस ने जंतर-मंतर के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के आवास और अन्य वीवीआईपी (VVIP) इलाकों के आसपास भी सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या मार्च को रोका जा सके।
इस आंदोलन के पीछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। दरअसल, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा की गई एक टिप्पणी के विरोध में एक ऑनलाइन व्यंग्य के रूप में हुई थी, जहां उन्होंने फर्जी वकीलों या डिग्रियों की तुलना कथित तौर पर 'कॉकरोच' से की थी। इस टिप्पणी को युवाओं ने अपनी बेरोजगारी और व्यवस्था की उदासीनता से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक अनूठा आंदोलन खड़ा कर दिया, जिसके इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर करोड़ों फॉलोअर्स हो गए। धीरे-धीरे इस व्यंग्यात्मक मंच ने देश के गंभीर छात्र मुद्दों जैसे NEET-UG धांधली, CUET और बोर्ड परीक्षाओं की विसंगतियों को अपनी आवाज बना लिया। इस जमीनी आंदोलन को सोनम वांगचुक और प्रकाश राज जैसे प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी नैतिक समर्थन प्राप्त है, जिससे सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। जंतर-मंतर पर छात्र हाथों में तिरंगा और देश के संविधान की प्रति लेकर शांतिपूर्ण ढंग से "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगा रहे हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती, उनका यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर चल रहे इस ऐतिहासिक छात्र आंदोलन की जमीनी हकीकत, सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों और इस डिजिटल युवाओं की पार्टी के उभार को करीब से देखने के लिए आप The Indian Express की यह विस्तृत वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस के सुरक्षा प्रबंधों और छात्रों की मांगों को ग्राउंड जीरो से डिकोड किया गया है।
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