Investment Scam: फर्जी WhatsApp ट्रेडिंग ग्रुप में फंसकर गंवाए 1.22 करोड़, 6 गिरफ्तार

ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। WhatsApp पर बनाए गए फर्जी Stock Trading ग्रुप में शामिल कर एक व्यक्ति से 1.22 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से कई बार पैसे निवेश करवाए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालनी चाही तो उससे और पैसे मांगे गए। शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लोगों से ऐसे फर्जी निवेश ग्रुपों से सतर्क रहने की अपील की है।

Jun 26, 2026 - 10:51
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Investment Scam: फर्जी WhatsApp ट्रेडिंग ग्रुप में फंसकर गंवाए 1.22 करोड़, 6 गिरफ्तार

WhatsApp Stock Trading ग्रुप के जाल में फंसा शख्स, 1.22 करोड़ रुपये की ठगी; 6 आरोपी गिरफ्तार

देश में ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आसान कमाई और कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ताजा मामला भी इसी तरह की एक सुनियोजित ठगी का है, जिसमें एक व्यक्ति को WhatsApp पर बनाए गए फर्जी Stock Trading ग्रुप में जोड़कर 1.22 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए इस गिरोह से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना उन लाखों लोगों के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा कर लेते हैं।

कैसे बिछाया गया ठगी का जाल?

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को सबसे पहले एक अनजान नंबर से WhatsApp पर संपर्क किया गया। उसे बताया गया कि एक विशेष Stock Trading Group के जरिए विशेषज्ञों की सलाह पर निवेश कर कुछ ही दिनों में दोगुना या कई गुना मुनाफा कमाया जा सकता है।

विश्वास दिलाने के लिए उसे एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कई सदस्य लगातार अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग सफलता की कहानियां साझा कर रहे थे। बाद में जांच में सामने आया कि इनमें से अधिकांश प्रोफाइल और चैट फर्जी थीं और केवल भरोसा जीतने के लिए बनाई गई थीं।

पहले दिखाया मुनाफा, फिर करोड़ों की ठगी

शुरुआत में पीड़ित से छोटी राशि निवेश करवाई गई। कुछ समय बाद उसे एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अच्छा-खासा मुनाफा दिखाया गया। इससे उसे लगा कि निवेश सुरक्षित है और वह बड़ी रकम लगाने के लिए तैयार हो गया।

इसके बाद तथाकथित निवेश सलाहकारों ने उसे अधिक रिटर्न का लालच देकर कई चरणों में बड़ी रकम जमा करवानी शुरू कर दी। पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.22 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जब उसने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और वेरिफिकेशन चार्ज जैसे बहाने बनाकर और पैसे जमा करने की मांग की। लगातार बहाने मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के बाद 6 आरोपी गिरफ्तार

शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर, IP एड्रेस और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की और इस नेटवर्क से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है।

WhatsApp Investment Scam कैसे करता है काम?

साइबर अपराधी आमतौर पर एक तय पैटर्न अपनाते हैं। सबसे पहले वे सोशल मीडिया, Facebook, Instagram या WhatsApp के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें एक ऐसे ग्रुप में जोड़ा जाता है जहां नकली निवेशक बड़े मुनाफे का दावा करते हैं।

फिर पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अकाउंट खुलवाकर निवेश करने के लिए कहा जाता है। शुरुआत में नकली मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीता जाता है। जैसे-जैसे निवेश की रकम बढ़ती जाती है, ठग पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाते रहते हैं। जब पीड़ित निकासी की मांग करता है, तो उससे नए-नए शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। आखिर में उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है और सभी संपर्क तोड़ दिए जाते हैं।

ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सतर्कता अपनाकर इस तरह की ठगी से बचा जा सकता है।

  • WhatsApp या Telegram पर मिलने वाले निवेश ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें।
  • किसी भी निवेश सलाहकार का रजिस्ट्रेशन और वैधता जांचें।
  • केवल अधिकृत और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
  • "गारंटीड रिटर्न" या "कम समय में दोगुना पैसा" जैसे दावों से सावधान रहें।
  • किसी अनजान बैंक खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर न करें।
  • किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।
  • निवेश से पहले परिवार या वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

अगर ठगी हो जाए तो क्या करें?

यदि आप इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

  • तुरंत अपने बैंक को सूचना दें और ट्रांजैक्शन रोकने की कोशिश करें।
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें।
  • सभी चैट, स्क्रीनशॉट, बैंक रसीद और लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराएं।

लगातार बढ़ रहे हैं ऑनलाइन निवेश घोटाले

पिछले कुछ वर्षों में शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, विदेशी निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। अपराधी अब आधुनिक तकनीक, फर्जी वेबसाइट, नकली मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश हमेशा अधिकृत संस्थानों और नियामक नियमों के तहत काम करने वाले प्लेटफॉर्म के जरिए ही करना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति की सलाह पर बड़ी रकम निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष

WhatsApp Stock Trading ग्रुप के जरिए 1.22 करोड़ रुपये की ठगी का यह मामला ऑनलाइन निवेश से जुड़े बढ़ते साइबर खतरे की गंभीर चेतावनी है। पुलिस द्वारा 6 आरोपियों की गिरफ्तारी से इस गिरोह का पर्दाफाश जरूर हुआ है, लेकिन ऐसे कई नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं।

यदि आपको WhatsApp, Telegram या सोशल मीडिया पर कोई ऐसा संदेश मिले जिसमें कम समय में भारी मुनाफे या गारंटीड रिटर्न का दावा किया जाए, तो सतर्क रहें। किसी भी निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें और केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म पर ही पैसा लगाएं। थोड़ी सी सावधानी आपको लाखों या करोड़ों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।

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