PM मोदी की 51वीं PRAGATI बैठक: 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा, विकास कार्यों में तेज़ी के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51वीं PRAGATI बैठक में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सड़क, रेलवे, जल और ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51वीं ‘प्रगति’ (PRAGATI – Pro-Active Governance and Timely Implementation) बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें केंद्र और राज्यों से जुड़े कई बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में चल रहे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ाना, समय पर पूरा करना और उनमें आने वाली बाधाओं को दूर करना था। लगभग 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें सड़क, रेलवे, शहरी विकास, जल संसाधन और ऊर्जा से जुड़े कई अहम कार्य शामिल थे।
इस बैठक में खासतौर पर राष्ट्रीय अवसंरचना विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दिया गया। इनमें कई एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माण परियोजनाएं शामिल थीं, जो विभिन्न राज्यों को जोड़कर लॉजिस्टिक्स और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बनाई जा रही हैं। सरकार का फोकस उन परियोजनाओं पर रहा जो लंबे समय से अटकी हुई हैं या जिनमें भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी जैसी समस्याएं आ रही हैं।
रेलवे क्षेत्र की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिनमें नई रेल लाइनें, डबलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़े कार्य शामिल थे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारतीय रेलवे की क्षमता बढ़ाना और यात्रा समय को कम करना है। कई राज्यों में चल रहे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यों की भी प्रगति की जानकारी ली गई।
शहरी विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी बैठक में चर्चा हुई। स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो रेल विस्तार और जल आपूर्ति से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। सरकार ने निर्देश दिए कि शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले कार्यों में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और राज्यों को तेजी से काम पूरा करने के लिए कहा गया।
जल संसाधन और सिंचाई से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी इस बैठक का अहम हिस्सा रहे। विशेष रूप से जल जीवन मिशन, नदी जोड़ो परियोजनाएं और सिंचाई नेटवर्क विस्तार जैसे कार्यों की समीक्षा की गई। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल आपूर्ति को बेहतर बनाना है, ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके।
ऊर्जा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पारंपरिक बिजली संयंत्रों के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल थे। सरकार का फोकस ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर रहा, ताकि भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को समय पर पूरा कर सके।
बैठक में डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की गई। कई राज्यों में ई-गवर्नेंस सिस्टम, डिजिटल सर्विस डिलीवरी और ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को और तेज और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने राज्यों से भी सहयोग बढ़ाने और अटकी हुई फाइलों को तेजी से निपटाने की अपील की ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे। साथ ही, परियोजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, 51वीं ‘प्रगति’ बैठक में सरकार का पूरा फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, परियोजनाओं की तेजी से पूर्णता और राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने पर रहा। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार देश में विकास कार्यों को लेकर काफी सक्रिय है और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्राथमिकता में रखती है।
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