Influencers ने मारी बाजी, TV स्टार्स पड़े फीके! Lock Upp 2 में आखिर क्यों बदल गया पूरा गेम?
Netflix के Lock Upp 2 में इस बार सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स दर्शकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहे हैं, जबकि टीवी के बड़े सितारे उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ पा रहे। गेम, स्क्रीन प्रेजेंस और ऑडियंस एंगेजमेंट में डिजिटल क्रिएटर्स फिलहाल आगे नजर आ रहे हैं।
Netflix के रियलिटी शो Lock Upp 2 में इस बार मुकाबला सिर्फ कंटेस्टेंट्स के बीच नहीं, बल्कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और टीवी स्टार्स के बीच भी दिखाई दे रहा है। शो की शुरुआत में माना जा रहा था कि वर्षों से टेलीविजन पर राज कर चुके कलाकार अपने अनुभव और लोकप्रियता के दम पर गेम पर हावी रहेंगे। लेकिन शुरुआती हफ्तों की तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है।
शो में मौजूद कई लोकप्रिय इंफ्लुएंसर्स लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उनकी रणनीति, बेबाक अंदाज और सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद मजबूत फैनबेस उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए हुए है। दूसरी ओर, कई बड़े टीवी कलाकार अब तक वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी।
दरअसल, रियलिटी शो का खेल केवल अभिनय या लोकप्रियता से नहीं चलता। यहां सबसे ज्यादा मायने रखती है आपकी रियल पर्सनैलिटी, गेम प्लान, रिश्ते बनाने और तोड़ने की क्षमता, विवादों को संभालने का तरीका और दर्शकों को हर एपिसोड में बांधे रखने की कला। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर पहले से कैमरे के सामने सहज रहने वाले कई इंफ्लुएंसर्स इस फॉर्मेट में बेहतर प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं।
इंफ्लुएंसर्स की सबसे बड़ी ताकत उनका डिजिटल कनेक्शन है। वे रोजाना अपने दर्शकों से सीधे संवाद करते हैं और जानते हैं कि किस तरह लोगों का ध्यान अपनी ओर बनाए रखना है। यही स्किल अब उन्हें Lock Upp 2 में भी फायदा पहुंचा रही है। उनकी हर बहस, हर रणनीति और हर बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इसके विपरीत, कुछ अनुभवी टीवी कलाकारों से दर्शकों को जिस आक्रामक गेमप्ले और मजबूत उपस्थिति की उम्मीद थी, वह अब तक पूरी तरह देखने को नहीं मिली। कुछ प्रतिभागी विवादों से बचते दिखे, जबकि कुछ अपने व्यक्तित्व को खुलकर सामने नहीं ला सके। नतीजा यह हुआ कि चर्चा का केंद्र धीरे-धीरे युवा डिजिटल क्रिएटर्स बन गए।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि टीवी कलाकारों की लोकप्रियता खत्म हो गई है। टीवी सितारों के पास आज भी बड़ा दर्शक वर्ग है, लेकिन रियलिटी शो का फॉर्मेट लगातार बदल रहा है। अब केवल स्टारडम नहीं, बल्कि हर दिन खुद को नए तरीके से साबित करना पड़ता है। जो कंटेस्टेंट लगातार कंटेंट देता है, वही चर्चा में बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में दर्शकों की पसंद भी तेजी से बदली है। अब लोग स्क्रिप्टेड इमेज से ज्यादा वास्तविक व्यक्तित्व और अनफिल्टर्ड बातचीत को पसंद करते हैं। यही वजह है कि इंफ्लुएंसर्स, जो पहले से ही अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बिना स्क्रिप्ट के दर्शकों के सामने साझा करते हैं, इस तरह के रियलिटी शो में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
फिर भी शो अभी शुरुआती चरण में है और आगे का खेल पूरी तरह बदल सकता है। कई अनुभवी टीवी कलाकार पहले भी रियलिटी शोज़ में धीमी शुरुआत के बाद मजबूत वापसी कर चुके हैं। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया है।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि Lock Upp 2 ने एक नई बहस छेड़ दी है—क्या आज के दौर में डिजिटल स्टारडम पारंपरिक टीवी लोकप्रियता पर भारी पड़ रहा है? शुरुआती एपिसोड्स को देखकर ऐसा लगता है कि युवा इंफ्लुएंसर्स फिलहाल बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन अंतिम फैसला दर्शकों के वोट और आने वाले हफ्तों के गेमप्ले पर ही निर्भर करेगा।
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