वियतनाम नाव हादसा: आज रात मुंबई पहुंचेंगे 15 भारतीयों के शव, फु क्वोक द्वीप पर थम गई थीं सांसें
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव सोमवार रात मुंबई लाए जाएंगे। हादसे में 21 लोगों को बचा लिया गया, जबकि एक घायल अब भी वियतनाम के अस्पताल में भर्ती है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं।
वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव सोमवार रात मुंबई पहुंचने वाले हैं, जिसके बाद उन्हें उनके गृह राज्यों तक भेजा जाएगा। भारतीय दूतावास, वियतनाम प्रशासन और एयरलाइंस के समन्वय से शवों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
यह हादसा उस समय हुआ जब भारतीय पर्यटकों का एक समूह द्वीप भ्रमण समाप्त कर स्पीडबोट से वापस लौट रहा था। नाव किनारे से कुछ ही दूरी पर थी कि अचानक समुद्र में तेज लहरों के बीच वह पलट गई। कुछ ही मिनटों में खुशी का यह सफर मातम में बदल गया।
कैसे हुआ हादसा?
रिपोर्टों के मुताबिक स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू सदस्य सवार थे। नाव होन मे रुट न्गोआई (Hon May Rut Ngoai) द्वीप से लौट रही थी और फु क्वोक के निकट लगभग 400–500 मीटर की दूरी पर अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि समुद्र में लहरें तेज थीं और नाव बेहद कम समय में उलट गई, जिससे कई यात्री उसके नीचे फंस गए।
15 भारतीयों की दर्दनाक मौत
इस हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के निवासी शामिल हैं। अधिकांश पर्यटक एक निजी कंपनी के समूह के साथ वियतनाम घूमने गए थे। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और आसपास मौजूद अन्य नौकाओं ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
21 लोगों की बची जान
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से अधिकांश को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि एक भारतीय पर्यटक अब भी गंभीर हालत में वियतनाम के अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
आज रात मुंबई पहुंचेंगे शव
भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मृतकों के शव हो ची मिन्ह सिटी से विशेष उड़ान के जरिए मुंबई भेजे जा रहे हैं। मुंबई पहुंचने के बाद शवों को उनके-अपने राज्यों तक पहुंचाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
भारतीय दूतावास की भूमिका
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शुरुआत से ही राहत कार्यों में सक्रिय रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर शवों की पहचान, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा स्वदेश वापसी की व्यवस्था की।
हादसे की जांच शुरू
वियतनामी अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में नाव के कप्तान से पूछताछ की गई है और जल परिवहन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका पर जांच आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हादसे की वजह केवल खराब मौसम था या सुरक्षा मानकों में भी कोई चूक हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
हादसे से बच निकले यात्रियों ने बताया कि नाव के पलटते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन नाव के नीचे फंस जाने और समय पर राहत न मिलने से कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बचाव अभियान और चिकित्सा सहायता में देरी का भी आरोप लगाया है।
परिवारों में पसरा मातम
भारत में मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को छुट्टियां मनाने के लिए विदा किया था, उन्हें अब तिरंगे में लिपटे शवों का इंतजार है। कई परिवारों ने सरकार से विदेशों में पर्यटन सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
बढ़ रहा है वियतनाम में भारतीय पर्यटन
पिछले कुछ वर्षों में वियतनाम भारतीय पर्यटकों के लिए पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों में शामिल हुआ है। आसान वीजा प्रक्रिया, सीधी उड़ानों और खूबसूरत समुद्री द्वीपों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक वहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस हादसे ने समुद्री पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्ष
फु क्वोक द्वीप के पास हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है। आज रात जब 15 भारतीयों के शव मुंबई पहुंचेंगे, तो पूरे देश की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ होंगी जिन्होंने अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो दिया। साथ ही, इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के दौरान सुरक्षा मानकों और समुद्री परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी, लेकिन फिलहाल पूरा देश शोक में डूबा हुआ है।
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