शादी से पहले टाइगर पटौदी संग लिव-इन में रहीं शर्मिला टैगोर, इंटरफेथ मैरिज पर सुनने पड़े ताने और मिली थीं धमकियां
दिग्गज अभिनेत्री Sharmila Tagore ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि शादी से पहले वह Mansoor Ali Khan Pataudi (टाइगर पटौदी) के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं। इंटरफेथ शादी के फैसले पर उन्हें समाज की आलोचना, मीडिया की भविष्यवाणियों और यहां तक कि धमकियों का भी सामना करना पड़ा।
भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री Sharmila Tagore और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Mansoor Ali Khan Pataudi, जिन्हें टाइगर पटौदी के नाम से जाना जाता है, की प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की सबसे चर्चित कहानियों में गिनी जाती है। दोनों ने वर्ष 1968 में शादी की थी और करीब 43 वर्षों तक साथ रहे। हालांकि, हाल ही में शर्मिला टैगोर ने अपने रिश्ते को लेकर कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने एक बार फिर उनकी प्रेम कहानी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने बताया कि शादी से पहले वह टाइगर पटौदी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं और उस दौर में यह फैसला समाज की परंपराओं के बिल्कुल विपरीत माना जाता था।
एक बातचीत के दौरान शर्मिला टैगोर ने बताया कि उन्होंने और टाइगर पटौदी ने शादी से पहले साथ रहने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उस समय यह उनके लिए अधिक सुविधाजनक था। उन्होंने हंसते हुए स्वीकार किया कि वह उस दौर में घर संभालने में बिल्कुल अच्छी नहीं थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि घर की कई चीजें ठीक से काम नहीं करती थीं, इसलिए टाइगर पटौदी अक्सर नहाने के लिए क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया चले जाते थे। शर्मिला ने यह भी कहा कि समय के साथ उन्होंने घर संभालना सीखा और अब वह अपने घर को लेकर काफी सजग रहती हैं। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया कि उस दौर में भी दोनों ने अपने रिश्ते को सामाजिक दबाव से ऊपर रखकर अपनी सुविधाओं और आपसी समझ को प्राथमिकता दी थी।
शर्मिला टैगोर और टाइगर पटौदी की मुलाकात 1960 के दशक में साझा दोस्तों के जरिए हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। शर्मिला ने पहले भी कई इंटरव्यू में बताया था कि टाइगर पटौदी का सेंस ऑफ ह्यूमर उन्हें बेहद पसंद था। उन्होंने महसूस किया कि यह ऐसे इंसान हैं जो उन्हें कभी जानबूझकर चोट नहीं पहुंचाएंगे। यही भरोसा उनके रिश्ते की सबसे मजबूत नींव बना। बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला किया, लेकिन उनका यह निर्णय आसान नहीं था क्योंकि यह एक इंटरफेथ मैरिज थी।
शर्मिला टैगोर ने बताया कि उस समय उनकी शादी को लेकर समाज में काफी विरोध था। मीडिया में लगातार यह लिखा जा रहा था कि उनकी शादी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगी। कई अखबारों और पत्रिकाओं ने यहां तक भविष्यवाणी कर दी थी कि यह रिश्ता कुछ महीनों में टूट जाएगा। समाज के कई वर्गों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, शर्मिला और टाइगर ने इन तमाम बातों को अपने रिश्ते के बीच नहीं आने दिया और एक-दूसरे का साथ निभाने का फैसला किया।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शादी से पहले उनके परिवार को धमकी भरे संदेश तक मिले थे। शर्मिला के अनुसार, उनके माता-पिता को टेलीग्राम भेजे गए जिनमें लिखा था कि "Bullets shall speak" यानी "गोलियां बोलेंगी"। इन धमकियों को देखते हुए शादी का स्थान आखिरी समय में बदलना पड़ा था ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह घटना दिखाती है कि उस दौर में इंटरफेथ शादी को लेकर समाज में कितना विरोध और तनाव था। हालांकि इन धमकियों के बावजूद दोनों ने पीछे हटने के बजाय अपने रिश्ते को सम्मान दिया और शादी कर ली।
शर्मिला टैगोर ने यह भी बताया कि फिल्म निर्माता Yash Chopra ने भी उन्हें शादी से पहले सावधान रहने की सलाह दी थी। उनके अनुसार, यश चोपड़ा ने मजाकिया लेकिन गंभीर लहजे में कहा था कि "नवाब लोग थोड़े अलग स्वभाव के होते हैं, इसलिए तुम्हें सावधान रहना चाहिए।" शर्मिला ने कहा कि यश चोपड़ा उनके अच्छे दोस्त थे और उन्होंने यह बात चिंता के कारण कही थी। हालांकि उन्होंने अपने फैसले पर भरोसा रखा और रिश्ते को आगे बढ़ाया।
दिलचस्प बात यह भी है कि शादी के बाद भी शर्मिला टैगोर ने फिल्मों में काम करना जारी रखा। उस समय आम धारणा थी कि शादी के बाद अभिनेत्रियों का फिल्मी करियर लगभग समाप्त हो जाता है, लेकिन शर्मिला ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने परिवार और करियर दोनों के बीच संतुलन बनाकर दिखाया कि एक महिला शादी के बाद भी सफल पेशेवर जीवन जी सकती है। इस दौरान टाइगर पटौदी ने भी हमेशा उनका साथ दिया। दोनों ने अपने तीन बच्चों—Saif Ali Khan, Saba Ali Khan और Soha Ali Khan—की परवरिश की और एक मजबूत परिवार बनाया।
हाल ही में उनकी बेटी Soha Ali Khan ने भी अपने माता-पिता की शादी को लेकर कहा कि आज के समय में इतने लंबे समय तक एक मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते को निभाना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता का रिश्ता आपसी सम्मान, विश्वास और समझ पर आधारित था। यही कारण है कि समाज की आलोचना, धार्मिक मतभेद और सार्वजनिक दबाव के बावजूद उनका रिश्ता 43 वर्षों तक मजबूती से कायम रहा।
शर्मिला टैगोर का यह खुलासा केवल उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस दौर की सामाजिक सोच को भी सामने लाता है। 1960 के दशक में लिव-इन रिलेशनशिप और इंटरफेथ शादी जैसे फैसलों को समाज आसानी से स्वीकार नहीं करता था। इसके बावजूद उन्होंने अपने जीवन के फैसले खुद लिए और अपने रिश्ते को समाज की अपेक्षाओं से ऊपर रखा। आज उनका रिश्ता भारतीय सिनेमा और क्रिकेट जगत की सबसे सफल प्रेम कहानियों में गिना जाता है। यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि भरोसा, सम्मान और समझ किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत होती है। समाज की आलोचनाएं समय के साथ खत्म हो जाती हैं, लेकिन सच्चे रिश्ते अपनी मिसाल छोड़ जाते हैं। शर्मिला टैगोर और टाइगर पटौदी की प्रेम कहानी आज भी इसी वजह से लोगों के बीच प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
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