हिमाचल में मानसून का कहर: उखड़े पेड़, लैंडस्लाइड से 75 सड़कें बंद, बिजली-पानी सेवाएं ठप
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में लैंडस्लाइड, पेड़ गिरने और सड़कें धंसने की घटनाओं के चलते 75 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
हिमाचल में मानसून का कहर: उखड़े पेड़, लैंडस्लाइड से 75 सड़कें बंद, बिजली-पानी सेवाएं ठप
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून अब राहत नहीं बल्कि आफत बनता जा रहा है। पिछले 24 घंटों से राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड), पेड़ गिरने, सड़कें धंसने और बिजली-पानी की सेवाएं बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राज्यभर में 75 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से बिना जरूरत यात्रा न करने की अपील कर रहा है।
75 से ज्यादा सड़कें बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा
भारी बारिश के चलते सबसे ज्यादा असर सड़क नेटवर्क पर पड़ा है। शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर समेत कई जिलों में पहाड़ियों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। कई जगह सड़कें धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यातायात रोकना पड़ा।
लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रही हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों से संपर्क अस्थायी रूप से कट गया है।
लैंडस्लाइड ने बढ़ाई मुश्किलें
हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में तेजी आई है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी सड़क पर आ गई, जिससे वाहन फंस गए। कुछ स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे लैंडस्लाइड का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि प्रशासन संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है।
पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में पेड़ उखड़कर बिजली लाइनों पर गिर गए। इसके चलते अनेक गांवों और कस्बों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
बिजली विभाग की टीमें खराब लाइनों और ट्रांसफार्मरों को ठीक करने में जुटी हैं, लेकिन कई स्थानों पर खराब मौसम के कारण मरम्मत कार्य में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने की कोशिश की जाएगी।
पेयजल संकट भी गहराया
भारी बारिश का असर केवल बिजली व्यवस्था पर ही नहीं बल्कि पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। कई जल स्रोतों में गाद भरने और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
कुछ इलाकों में प्रशासन ने टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। वहीं जल शक्ति विभाग पाइपलाइन की मरम्मत और जल स्रोतों की सफाई का कार्य तेजी से कर रहा है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही रात के समय पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी सिस्टम अभी सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क अवरोध जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल घूमने पहुंचते हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से मौसम अपडेट लेकर ही यात्रा करने और बंद मार्गों पर जाने से बचने की अपील की है।
होटल संचालकों और पर्यटन विभाग को भी पर्यटकों को मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबरों से तुरंत संपर्क करें।
राहत कार्य जारी
लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, जल शक्ति विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली के कार्य में लगी हुई हैं। सड़कों से मलबा हटाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और पेयजल व्यवस्था को सामान्य बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता उन मार्गों को खोलने की है जो अस्पतालों, स्कूलों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए नदी-नालों के किनारे जाने, पहाड़ी ढलानों के पास रुकने और जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने से बचना चाहिए।
स्थिति पर लगातार नजर
फिलहाल हिमाचल प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सड़कों को दोबारा खोलने, बिजली-पानी की सेवाएं बहाल करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी होगी। फिलहाल सरकार का पूरा फोकस जनहानि को रोकने, आवश्यक सेवाओं को जल्द सामान्य करने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने पर है।
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