“मैं इलेक्ट्रिक कार में चलता हूं, काफिला पहले से ही छोटा है…”: हिमाचल CM सुक्खू का BJP पर फिजूलखर्ची को लेकर बड़ा हमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने सरकारी खर्च और वीआईपी कल्चर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे खुद इलेक्ट्रिक कार में चलते हैं और उनका काफिला पहले से ही छोटा है। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर फिजूलखर्ची और आर्थिक बदहाल व्यवस्था छोड़ने का आरोप लगाया। CM के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति फिर गरमा गई है।

May 14, 2026 - 10:31
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“मैं इलेक्ट्रिक कार में चलता हूं, काफिला पहले से ही छोटा है…”: हिमाचल CM सुक्खू का BJP पर फिजूलखर्ची को लेकर बड़ा हमला

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने सरकारी खर्च और वीआईपी संस्कृति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे खुद इलेक्ट्रिक कार में चलते हैं और उनका काफिला भी पहले की तुलना में काफी छोटा है। उन्होंने यह बयान भाजपा द्वारा सरकार के खर्चों को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में दिया। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि उनकी सरकार अनावश्यक खर्चों को कम करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई, तब राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश पर भारी कर्ज का बोझ छोड़ दिया, जिसके कारण वर्तमान सरकार को कई कठिन फैसले लेने पड़ रहे हैं। सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल हुआ और फिजूलखर्ची को बढ़ावा मिला।

अपने बयान में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार दिखावे की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए होना चाहिए, न कि बड़े-बड़े काफिलों और गैरजरूरी सरकारी सुविधाओं पर। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में आर्थिक अनुशासन बेहद जरूरी है।

CM सुक्खू ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए उनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, खर्चों में कटौती, पारदर्शिता और जवाबदेही उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

इस बयान के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पिछली सरकार पर आरोप लगा रही है। विपक्ष का आरोप है कि वर्तमान सरकार विकास कार्यों की रफ्तार धीमी कर चुकी है और सिर्फ बयानबाज़ी कर रही है। इससे प्रदेश की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में आर्थिक मुद्दे आने वाले समय में बड़ा चुनावी विषय बन सकते हैं। राज्य पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे में सरकार तथा विपक्ष दोनों जनता के सामने अपनी-अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का “इलेक्ट्रिक कार” और “छोटा काफिला” वाला बयान सीधे तौर पर सादगी की राजनीति का संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।

प्रदेश में सरकारी खर्चों को लेकर जनता के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग मुख्यमंत्री के सादगी वाले संदेश का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में नेताओं की जीवनशैली और सरकारी खर्च जनता के लिए बड़ा मुद्दा बन चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन और छोटे काफिले की बात करना आम जनता को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है।

हिमाचल प्रदेश की राजनीति फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। एक तरफ कांग्रेस सरकार खुद को सादगी और वित्तीय अनुशासन की मिसाल बताने में जुटी है, वहीं भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का मौका नहीं छोड़ रही। अब देखना होगा कि जनता किसके दावों पर ज्यादा भरोसा करती है।

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