AAP नेता संजीव अरोड़ा केस में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-नोएडा समेत कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा और कस गया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी इनवॉइस और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
वर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को एक और बड़ा झटका देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी खरीद बिल और अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग (Round Tripping) से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी पहले ही संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद अब उनके पूरे नेटवर्क और सहयोगियों को खंगालने के लिए बड़े पैमाने पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
जाँच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला फर्जी कंपनियों (Shell Entities) के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने और विदेशों से अवैध धन को भारत में सफेद करने से जुड़ा है। संजीव अरोड़ा पर निम्नलिखित मुख्य आरोप लगे हैं:
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फर्जी जीएसटी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाला: आरोप है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' (HSRL) और अन्य सहयोगियों ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय कई गैर-मौजूद और फर्जी कंपनियों से करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी खरीद बिल (Fake GST Invoices) प्राप्त किए। इन नकली बिलों के जरिए सरकार से भारी-भरकम इनपुट टैक्स क्रेडिट और जीएसटी रिफंड का दावा किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
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मोबाइल फोन का बोगस एक्सपोर्ट और 'राउंड ट्रिपिंग': जांच में सामने आया है कि कंपनी ने लगभग 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन की फर्जी घरेलू खरीद दिखाई और फिर करीब 102 करोड़ रुपये के फोन दुबई (UAE) स्थित दो कंपनियों को एक्सपोर्ट करने का दावा किया। ईडी का आरोप है कि यह एक्सपोर्ट पूरी तरह कागजी और 'बोगस' था, जिसका असली मकसद दुबई से काली कमाई को वैध व्यापार के बहाने (false pretenses) भारत में वापस लाना यानी 'राउंड ट्रिपिंग' करना था।
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दिहाड़ी मजदूरों के नाम पर शेल कंपनियां: जांच के दौरान दिल्ली में 'एसके एंटरप्राइजेस' नामक एक संदिग्ध फर्म मिली, जिसका मालिक कागजों पर एक दिहाड़ी मजदूर था, लेकिन उस खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
पहले भी जांच के दायरे में रहे हैं संजीव अरोड़ा
यह पहली बार नहीं है जब संजीव अरोड़ा केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए हैं। इससे पहले भी साल 2024 में औद्योगिक भूखंडों (Industrial Plots) को आवासीय परियोजनाओं में अवैध रूप से बदलने और भूमि धोखाधड़ी के मामले में उनके ठिकानों पर रेड की गई थी। इसके अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत भी उनके बेटे और अन्य व्यापारिक साझेदारों से लंबी पूछताछ हो चुकी है।
गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत: AAP बनाम BJP
इस ताबड़तोड़ छापेमारी और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा बेहद गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और आगामी चुनावों से पहले विपक्ष की आवाज दबाने की 'भाजपा की साजिश' करार दिया है।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा लगातार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके पंजाब के नेताओं को परेशान कर रही है, लेकिन पंजाब की जनता इन दबावों के आगे कभी नहीं झुकेगी। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कानून के तहत काम कर रही हैं और अगर किसी ने घोटाला किया है, तो उसे देश के कानून का सामना करना ही पड़ेगा। फिलहाल, विभिन्न शहरों में ईडी की यह तलाशी अभियान जारी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए जा चुके हैं।
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