CJP Protest: दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशन बंद, संसद मार्च से पहले 5 हजार जवान तैनात
दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि करीब 5,000 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में CJP (Cockroach Janta Party) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन प्रस्तावित इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा है। सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक सहित कुल पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा राजधानी में लगभग 5,000 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान संसद भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, विजय चौक, जनपथ, जंतर-मंतर और आसपास के पूरे वीवीआईपी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र), वाटर कैनन, क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और रिजर्व पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी है। हालांकि, कई स्थानों पर ट्रेनों का परिचालन जारी है, लेकिन यात्रियों को संबंधित स्टेशनों पर उतरने या चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले DMRC और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी अवश्य देखें।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। संसद मार्ग, जनपथ, अशोक रोड, कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा रोड और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किए गए हैं और लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा जांच के कारण वाहनों की गति धीमी हो सकती है और कुछ इलाकों में लंबा जाम भी लग सकता है।
CJP ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। संगठन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में प्रदर्शनकारियों से केवल तिरंगा लेकर आने, किसी भी राजनीतिक दल का झंडा न लाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की गई है। संगठन का दावा है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाना है।
हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए औपचारिक अनुमति नहीं ली गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति वाले जुलूस या सभा में शामिल न होने की अपील की है और कहा है कि राजधानी में लागू सुरक्षा निर्देशों का पालन करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है या शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन से पहले ही हजारों लोग जंतर-मंतर और उसके आसपास एकत्रित हो चुके थे। पुलिस लगातार भीड़ की निगरानी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विभिन्न जोनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। वहीं सरकार और प्रशासन का कहना है कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दिया है, जबकि स्कूलों और संस्थानों ने भी छात्रों एवं अभिभावकों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। राजधानी में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा अग्निशमन विभाग, एम्बुलेंस सेवाओं और आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि अफवाहों को समय रहते रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि संसद सत्र और बड़े विरोध प्रदर्शन एक साथ होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है तो प्रशासन के लिए स्थिति संभालना आसान होगा, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अपने चरम पर है। पांच मेट्रो स्टेशनों का बंद होना, हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन और संसद क्षेत्र में कड़ी निगरानी इस बात का संकेत है कि प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि CJP का संसद मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और राजधानी में पूरे दिन हालात कैसे बने रहते हैं।
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