दिल्ली में BIMSTEC NSA बैठक: अजित डोभाल बोले- बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर उठाने होंगे कदम

दिल्ली में आयोजित BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में NSA अजित डोभाल ने क्षेत्रीय सहयोग, आतंकवाद, साइबर खतरे और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।

Jul 16, 2026 - 15:19
Jul 16, 2026 - 15:48
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दिल्ली में BIMSTEC NSA बैठक: अजित डोभाल बोले- बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर उठाने होंगे कदम

नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और बदलती वैश्विक चुनौतियों पर अहम चर्चा हुई। बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने सदस्य देशों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह की सुरक्षा चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनाव और तकनीकी बदलावों का सामना कर रही है, ऐसे में सभी देशों को मिलकर निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों का एक महत्वपूर्ण संगठन है, जिसमें भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। इस संगठन का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक विकास और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों को बढ़ावा देना है।

अजित डोभाल ने सुरक्षा सहयोग पर दिया जोर

BIMSTEC की बैठक को संबोधित करते हुए अजित डोभाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में देशों के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हैं। इनमें आतंकवाद, साइबर अपराध, समुद्री सुरक्षा, संगठित अपराध और तकनीकी खतरों जैसी समस्याएं शामिल हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल एक देश के प्रयासों से इन चुनौतियों का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए क्षेत्रीय देशों के बीच बेहतर तालमेल, सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति बनाना जरूरी है।

आतंकवाद और साइबर खतरे पर चर्चा

बैठक में आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से निपटने के उपायों पर विशेष चर्चा हुई। बदलते समय के साथ सुरक्षा खतरे भी बदल रहे हैं। अब साइबर हमले, डिजिटल अपराध और तकनीक आधारित चुनौतियां भी राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।

अजित डोभाल ने कहा कि BIMSTEC देशों को इन नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी संस्थागत क्षमता को मजबूत करना होगा। उन्होंने आतंकवाद विरोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई।

भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का हिस्सा

BIMSTEC भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। भारत लगातार पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है।

NSA अजित डोभाल ने बैठक में भारत की Neighbourhood First Policy और Act East Policy के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि BIMSTEC क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का बढ़ता महत्व

बंगाल की खाड़ी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह क्षेत्र व्यापार, समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम भूमिका निभाता है।

BIMSTEC देशों के बीच बेहतर सुरक्षा सहयोग से समुद्री सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है और क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाई जा सकती है। बैठक में इसी दिशा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

बैठक से पहले डोभाल ने की द्विपक्षीय वार्ता

BIMSTEC बैठक से पहले अजित डोभाल ने कई सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। इनमें श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश और म्यांमार के प्रतिनिधि शामिल थे। इन बैठकों में रक्षा सहयोग, सुरक्षा संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

इन बैठकों को भारत की क्षेत्रीय कूटनीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत लगातार BIMSTEC देशों के साथ सुरक्षा साझेदारी बढ़ाने पर काम कर रहा है।

वैश्विक बदलावों के बीच BIMSTEC की भूमिका

आज दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। कई क्षेत्रों में संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और नई तकनीकों के कारण सुरक्षा समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

ऐसे समय में BIMSTEC जैसे क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सदस्य देशों के बीच सहयोग से न केवल सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सकता है, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत किया जा सकता है।

भारत का सुरक्षा दृष्टिकोण

भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की वकालत करता रहा है। इसके साथ ही भारत साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और नई तकनीकी चुनौतियों को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

BIMSTEC बैठक के जरिए भारत ने यह संदेश दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल सैन्य मुद्दा नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक स्थिरता, तकनीकी सुरक्षा और सामाजिक विकास भी शामिल हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली में हुई BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक ने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने का काम किया है। अजित डोभाल का संदेश साफ था कि बदलती दुनिया में देशों को मिलकर काम करना होगा और साझा चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

BIMSTEC देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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