बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 13 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से आए 6 यात्री गिरफ्तार
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 13 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। बैंकॉक से आए छह यात्रियों के पास से यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ मिला, जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 13 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया है। इस मामले में बैंकॉक से भारत पहुंचे छह यात्रियों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी जांच अब विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कस्टम अधिकारियों को बैंकॉक से आने वाली उड़ान के कुछ यात्रियों पर संदेह हुआ था। एयरपोर्ट पर नियमित जांच और प्रोफाइलिंग के दौरान अधिकारियों ने यात्रियों के सामान की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान उनके बैगों में बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर रखा गया मिला। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया पदार्थ सामान्य गांजे से अलग है। इसे हाइड्रोपोनिक तकनीक के माध्यम से उगाया जाता है, जिसमें मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर विशेष घोल का उपयोग किया जाता है। इस विधि से तैयार गांजा अधिक शक्तिशाली और महंगा माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण तस्कर इसे विभिन्न देशों में अवैध रूप से पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी छह यात्री बैंकॉक से एक ही उड़ान में भारत पहुंचे थे। अधिकारियों को संदेह है कि ये सभी किसी संगठित गिरोह के लिए काम कर रहे थे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उन्हें इस खेप को भारत में किसे सौंपना था और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है।
कस्टम विभाग ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के मोबाइल फोन, यात्रा दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क के तार भारत के किन-किन शहरों तक जुड़े हुए हैं।
हाल के वर्षों में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर प्रतिबंधित पदार्थों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। कभी इन्हें खाद्य पदार्थों, कपड़ों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में छिपाकर लाया जाता है, तो कभी सामान के गुप्त हिस्सों का उपयोग किया जाता है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार अपनी निगरानी और जांच तकनीकों को मजबूत कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोपोनिक गांजा जैसे उच्च गुणवत्ता वाले मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे पदार्थ सामान्य गांजे की तुलना में अधिक प्रभावशाली हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं। यही वजह है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही हैं।
इस मामले में बरामदगी की मात्रा और उसकी अनुमानित कीमत को देखते हुए इसे हाल के समय की बड़ी ड्रग्स जब्ती में शामिल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल सभी छह आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
कस्टम विभाग और अन्य जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से इस पूरे नेटवर्क और इसके संचालन के तरीके को लेकर और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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